Trade setup for today : बाजार का रुझान मजबूत बने रहने की उम्मीद, 26200-26300 पर दिख रहा अगला रजिस्टेंस
Nifty Trade setup : मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार हायर हाई फॉर्मेसन के साथ बाजार रुझान मजबूत बने रहने की उम्मीद है। अगर निफ्टी 50 26,000 से ऊपर बना रहता है, तो 26,200-26,300 के जोन पर नजर रखनी होगी। इसके लिए 25800 के स्तर पर सपोर्ट रहने की उम्मीद है
Trade Setup : बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 24 सितंबर को बढ़कर 1.33 पर आ गया, जबकि पिछले सत्र में यह 1.31 पर था।
Market Trade setup: निफ्टी 50 ने कल कारोबारी सत्र के आखिरी घंटे में दिन के निचले स्तर से शानदार रिकवरी दर्ज की। 25 सितंबर को लगातार पांचवें सत्र में बाजार में तेजी का रुझान जारी रहा। निफ्टी ने मंथली एफएंडओ एक्सपायरी (गुरुवार को) से पहले 26,004 के नए क्लोजिंग हाई को दर्ज किया। साथ ही वोलैटिलिटी भी कम होती दिखा । मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार हायर हाई फॉर्मेसन के साथ बाजार का रुझान मजबूत बने रहने की उम्मीद है। अगर निफ्टी 26,000 से ऊपर बना रहता है, तो 26,200-26,300 के जोन पर नजर रखनी होगी। इसके लिए 25,800 के स्तर पर सपोर्ट रहने की उम्मीद है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 25,908, 25,870 और 25,808
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 26,031, 26,069 और 26,131
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रजिस्टेंस : 54,145, 54,227, और 54,360
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट : 53,879, 53,797, और 53,664
फिबोनैचि रिट्रेसमेंट पर आधारित रजिस्टेंस : 54,391, 54,916
फिबोनैचि रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट : 53,156-52,476
निफ्टी कॉल ऑप्शन डेटा
मंथली बेसिस पर 27,000 की स्ट्राइक पर 1.25 करोड़ कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आगे आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा।
निफ्टी पुट ऑप्शन डेटा
25,000 की स्ट्राइक पर 99.09 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा।
बैंक निफ्टी कॉल ऑप्शन डेटा
बैंक निफ्टी में 54100 की स्ट्राइक पर 1.35 करोड़ कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आगे आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा।
बैंक निफ्टी पुट ऑप्शन डेटा
54,100 की स्ट्राइक पर 95.68 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आगे आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
पिछले 10 महीनों में इंट्राडे (8.98) में वोलैटिलिटी अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई, लेकिन तुरंत ही इसमें रिकवरी हुई। हालांकि यह 13 अंक से नीचे रही और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे गिर गई जो कि तेजड़ियों के लिए सकारात्मक है। इंडिया VIX या फीयर इंडेक्स 13.39 के स्तर से 4.85 फीसदी गिरकर 12.74 पर आ गया।
हाई डिलिवरी ट्रेड
यहां वे स्टॉक दिए गए हैं जिनमें डिलीवरी ट्रेड का सबसे बड़ा हिस्सा देखने को मिला। डिलीवरी का बड़ा हिस्सा स्टॉक में निवेशको (ट्रेडिंग के विपरीत) की रुचि को दर्शाता है।
27 स्टॉक्स में दिखा लॉन्ग बिल्ड-अप
ओपन इंटरेस्ट में बढ़त के साथ ही कीमतों में भी होने वाली बढ़त से आमतौर पर लॉन्ग पोजीशन बनने का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 27 शेयरों में लॉन्ग बिल्ड-अप देखने को मिला।
60 स्टॉक्स में दिखी लॉन्ग अनवाइंडिंग
ओपन इंटरेस्ट में गिरावट के साथ ही कीमतों में भी होने वाली गिरावट से आमतौर पर लॉन्ग अनवाइंडिंग का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 60 शेयरों में सबसे ज्यादा लॉन्ग लॉन्ग अनवाइंडिंग देखने को मिली।
48 स्टॉक्स में दिखा शॉर्ट बिल्ड-अप
ओपन इंटरेस्ट में बढ़त के साथ ही कीमतों में भी होने वाली गिरावट से आमतौर पर शॉर्ट बिल्ड-अप का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 48 शेयरों में सबसे ज्यादा शॉर्ट बिल्ड-अप देखने को मिला।
49 स्टॉक्स में दिखी शॉर्ट कवरिंग
ओपन इंटरेस्ट में गिरावट के साथ ही कीमतों में होने वाली बढ़त से आमतौर पर शॉर्ट कवरिंग का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 49 शेयरों में सबसे ज्यादा शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली।
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 24 सितंबर को बढ़कर 1.33 पर आ गया, जबकि पिछले सत्र में यह 1.31 पर था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: शून्य
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल, ग्रैन्यूल्स इंडिया, हिंदुस्तान कॉपर, वोडाफोन आइडिया, इंडियन एनर्जी एक्सचेंज