Market cues : मंदड़ियो में कुछ थकान के संकेत, 22500–22700 की और वापसी कर सकता है निफ्टी
Trade setup for today : ओवरसोल्ड होने और मंदड़ियो में कुछ थकान के संकेत दिखने के बाद Nifty में 22,500–22,700 की ओर वापसी देखने को मिल सकती है। हालांकि,आगे चलकर यह बढ़त कितनी टिक पाती है,यह देखना अहम होगा
Trade Setup : Nifty ने गैप-डाउन ओपनिंग के बाद डेली टाइमफ्रेम पर अपर शैडो वाली एक लॉन्ग रेड कैंडल बनाई,जो भारी बिकवाली के दबाव का संकेत है
Trade setup for today : 30 मार्च को Nifty में मंदड़ियों का ज़बरदस्त दबदबा देखने को मिला। भारी वॉल्यूम के बीच यह लगातार दूसरे सेशन में 2 प्रतिशत से ज़्यादा गिर गया। पश्चिम एशिया में युद्ध तेज़ होने के कारण 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' के फिर से खुलने को लेकर अनिश्चितता बनी रही,वहीं, 26 फरवरी से FII का पैसा बाहर जाने का सिलसिला लगातार जारी है। इससे बाजार की मूड खराब हुआ है। तकनीकी तौर पर,'लोअर हाई–लोअर लो'पैटर्न और नीचे की ओर जाते 'मूविंग एवरेज'एक मज़बूत 'बेयरिश मोमेंटम'का संकेत दे रहे हैं। यह महीना बाज़ारों के लिए काफ़ी मुश्किल भरा रहा है।
लेकिन'ओवरसोल्ड'स्थिति में पहुंचने और 'मंदड़ियों 'में कुछ थकान के संकेत दिखने के बाद इंडेक्स में 22,500–22,700 की ओर वापसी देखने को मिल सकती है। हालाँकि,आगे चलकर यह तेजी कितनी टिक पाती है,यह देखना अहम होगा। बाजार जानकारों का कहना है कि चूंकि निफ्टी एक ऊपर की ओर जाती हुई सपोर्ट ट्रेंडलाइन के करीब है,इसलिए अगर यह ट्रेंडलाइन निर्णायक रूप से टूटती है तो इंडेक्स 22,000–21,700 के स्तर तक गिर सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 22,279, 22,177 और 22,013
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 22,607, 22,709 और 22,873
Nifty ने गैप-डाउन ओपनिंग के बाद डेली टाइमफ्रेम पर अपर शैडो वाली एक लॉन्ग रेड कैंडल बनाई,जो भारी बिकवाली के दबाव का संकेत है। लोअर टॉप–लोअर बॉटम फॉर्मेशन अभी भी बना हुआ है,जबकि इंडेक्स अपने 200-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) से 10.5 प्रतिशत नीचे है और सभी मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुके हुए हैं। RSI मार्च की शुरुआत से ही 40 से नीचे बना हुआ है,जबकि MACD सिग्नल और ज़ीरो लाइन से काफी नीचे बना हुआ है और हिस्टोग्राम में भी कमज़ोरी दिख रही है। यह सब लगातार बने बेयरिश रुझान का संकेत देता है।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 51,249, 51,607 और 52,188
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 50,088, 49,729 और 49,149
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 53,788, 55,312
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 50,705, 47,696
बैंक निफ्टी ने एक लॉन्ग रेड कैंडल बनाई,जिससे 'लोअर हाई–लोअर लो'का पैटर्न जारी रहा। यह अपने 200-दिन के EMA से लगभग 12 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहा था,और इसके सभी मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुके हुए थे। इंडेक्स 78.6 प्रतिशत के फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल (मार्च 2025 के निचले स्तर से जनवरी 2026 के ऊपरी स्तर तक की तेज़ी का) से नीचे गिर गया। मार्च महीने में RSI लगातार 40 से नीचे बना रहा और MACD भी रेफरेंस और ज़ीरो लाइन से नीचे रहा,जबकि हिस्टोग्राम कमज़ोर होता गया। ये सभी संकेत लगातार जारी मंदी के रुझान की ओर इशारा करते हैं।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX और बढ़कर 27.89 के स्तर पर पहुंच गया। यह पिछले चार सालों में बंद होने का सबसे ऊंचा स्तर है,जो पिछले सत्र से 4.05 प्रतिशत ज़्यादा है। यह 'बुल'(बाज़ार में तेज़ी लाने वालों) के लिए बढ़ते जोखिम का संकेत है। 'बुल'को राहत महसूस करने के लिए इसे तेज़ी से गिरकर 18 के स्तर से नीचे आना होगा। तब तक 'बियर'(बाज़ार में मंदी लाने वाले)का ही दबदबा रहने की संभावना है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 30 मार्च को गिरकर 0.92 पर आ गया,जबकि पिछले सत्र में यह 0.94 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं
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