Trade setup for today:बाजार खुलने के पहले इन आंकड़ों पर डालें एक नजर, मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में होगी आसानी
निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 16,402.9 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 16,191.6 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 16,832.8 फिर 17,051.4 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 16,402.9 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 16,191.6 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 16,832.8 फिर 17,051.4 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
20 दिसंबर का दिन बाजार के लिए ब्लैक मंडे रहा। इस दिन बाजार पर मंदड़ियों का कोहराम जारी रहा। पूरी दुनिया में ओमीक्रोन के बढ़ते मामलों ने बाजार के सेंटीमेंट को बड़ा झटका दिया है। कल के कारोबार में Sensex 1190 अंक यानी 2.09 फीसदी गिरकर 55,822 का स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, Nifty 371 अंक यानी 2.18 फीसदी गिरकर 16,614 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी ने कल डेली चार्ट पर एक बियरिश कैंडल बनाया था। हालांकि कल के सत्र में आखिरी घंटों में कुछ रिकवरी आती दिखी थी।
GEPL Capital के करन पई का कहना है कि कल के कारोबार में निफ्टी गैप-डाउन ओपन हुआ था। उसके बाद इसमें गिरावट तेज होते हुए दिखी और इसने 16,410 का निचला स्तर देखने को मिला। उसके बाद कारोबारी सत्र के अंतिम दौर में कुछ रिकवरी आती दिखी और इंडेक्स 200 अंक सुधरकर कर बंद हुआ। अंत में इंडेक्स 371 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। अब निफ्टी 16,200 (200-day SMA)की तरफ जाता दिख रहा है। अगर निफ्टी 16,200 के भी नीचे चला जाता है तो फिर इसमें 15,800 का स्तर भी देखने को मिल सकता है। अब बाजार में किसी तेजी पर बिकवाली की रणनीति गलत नहीं होगी। वहीं, अगर निफ्टी में कोई पुल बैक दिखता है तो 17,000 पर रजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकडे दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी। यहां इस बात का ध्यान रखें कि इस स्टोरी में दिए गए ओपन इंटरेस्ट (OI)और स्टॉक्स के वॉल्यूम से संबंधित आंकड़े तीन महीनों के आंकड़ों का योग हैं, ये सिर्फ चालू महीनें से संबंधित नहीं हैं।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 16,402.9 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 16,191.6 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 16,832.8 फिर 17,051.4 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
Nifty Bank
निफ्टी बैंक के लिए पहला सपोर्ट 33,895.16 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 33,350.43 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 35,107.87 फिर 35,775.84 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
कॉल ऑप्शन डेटा
17000 की स्ट्राइक पर 25.54 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो दिसंबर सीरीज में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा। इसके बाद 17500 पर सबसे ज्यादा 22.42 लाख कॉन्ट्रैक्ट का कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिल रहा है। वहीं, 17200 की स्ट्राइक पर 18.02 लाख कॉन्ट्रैक्ट का कॉल ओपन इंटरेस्ट है।
16800 की स्ट्राइक पर काल राइटिंग देखने को मिली। इस स्ट्राइक पर 9.27 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़े। उसके बाद 16600 पर भी 9 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़ते दिखे हैं।
17400 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल अनवाइंडिंग देखने को मिली। इसके बाद 17300 और फिर 17500 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल अनवाइंडिंग रही।
पुट ऑप्शन डेटा
17000 की स्ट्राइक पर 32.40 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो दिसंबर सीरीज में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा। इसके बाद 16500 पर सबसे ज्यादा 31.99 लाख कॉन्ट्रैक्ट का पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिल रहा है। वहीं, 16000 की स्ट्राइक पर 21.79 लाख कॉन्ट्रैक्ट का पुट ओपन इंटरेस्ट है।
16300 की स्ट्राइक पर पुट राइटिंग देखने को मिली। इस स्ट्राइक पर 2.68 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़े। उसके बाद 15800 पर भी 2.53 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़ते दिखे हैं। जबकि 15700 पर 2.45 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़े हैं।
17700 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा पुट अनवाइंडिंग देखने को मिली। इसके बाद 16000 और फिर 17200 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा पुट अनवाइंडिंग रही।
हाई डिलिवरी परसेंटेज वाले शेयर
इनमें अतुल, एचडीएफसी सिनजिन, सीयूबी और पीआई इंडस्ट्रीज के नाम शामिल हैं। हाई डिलिवारी परसेंटेज इस बात का संकेत होता है कि निवेशक उन शेयरों में रुचि दिखा रहे हैं।
FII और DII आंकड़े
20 दिसंबर को भारतीय बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,565.36 करोड़ रुपए की बिकवाली की। वहीं, इस दिन घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,764.02 करोड़ रुपए की खरीदारी की।
NSE पर F&O बैन में आने वाले शेयर
21 दिसंबर को NSE पर 2 स्टॉक F&O बैन में हैं। इनमें Escorts और Indiabulls Housing Finance के नाम शामिल हैं। बताते चलें कि F&O सेगमेंट में शामिल स्टॉक्स को उस स्थिति में बैन कैटेगरी में डाल दिया जाता है, जिसमें सिक्योरिटीज की पोजीशन उनकी मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट से ज्यादा हो जाती है।