Trade setup for today:बाजार खुलने के पहले इन आंकड़ों पर डालें एक नजर, मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में होगी आसानी
निफ्टी बैंक के लिए पहला सपोर्ट 37,114.9 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 36,739.6 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 37,809 फिर 38,127.8 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है.
निफ्टी बैंक के लिए पहला सपोर्ट 37,114.9 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 36,739.6 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 37,809 फिर 38,127.8 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
कल के कारोबार में बाजार में लगातार चार दिन की तेजी के बाद गिरावट देखने को मिली। 6 जनवरी को बाजार करीब 1 फीसदी गिरकर बंद हुआ। कल के कारोबार में बैंकिंग, फाइनेंशियल,एफएमसीजी, आईटी, मेटल और फार्मा में बिकवाली का दबाव रहा। ग्लोबल कमजोरी का असर भारतीय बाजारों पर भी दिखा। गौरतलब है कि अमेरिका में FOMC ने इस बात के संकेत दिए हैं कि उम्मीद से पहले ही ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी का दौर शुरू हो सकता है। इस खबर का पूरि दुनिया के मार्केट सेंटिमेंट पर निगेटिव असर पड़ा है। इसके अलावा करोना के बढ़ते मामलों नें भी बाजार पर दबाव बनाया।
6 दिसंबर यानी कल BSE Sensex 621.31 अंक गिरकर 59601.84 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, Nifty50 इंडेक्स 179.40 अंक घटकर 17745.90 पर बंद हुआ। इसने डेली चार्ट पर एक बियरिश कैंडल बनाया।
Axis Securities के राजेश पालवीय का कहना है कि कल के कारोबार में इंडेक्स गिरावट के साथ खुला और पूरे कारोबारी सेशन के दौरान एक छोटे दायरे में कंसोलीडेट होता रहा। डेली चार्ट पर निफ्टी ने पिछले सेशन की तुलना में लोअर हाई लो बनाते हुए एक स्मॉल बियरिश कैंडल बना लिया है और पिछले सेशन की तुलना में कमजोर बंद हुआ है जो कमजोरी की ओर संकेत कर रहा है। ऐसे में डेजी कैंडल के हाई-लो रेंज से आने वाला कोई भी ब्रेक आउट बाजार कि दिशा साफ करेगा।
हालांकि राजेश पालवीय का मानना है कि बाजार का ओवरआल शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी भी तेजी का है। 17,600-17,500 की तरफ आने वाली किसी भी पुल बैक रैली को 17,400 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी का मौका समझना चाहिए। आगे हमें निफ्टी 18,000-18,200 की तरफ जाता दिख सकता है। राजेश पालवीय की शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स और निवेशकों को 18,000-18,200 के सप्लाई जोन के करीब आंशिक मुनाफा वसूली की सलाह है।
कल के कारोबार में दिग्गजोंकी तुलना में छोटे-मझोले शोयरों में ज्यादा तेजी आई थी। Nifty Midcap 100 इंडेक्स कल 0.13 फीसदी और Smallcap 100 इंडेक्स 0.21 फीसदी बढ़त के साथ बंद हुए थे।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकडे दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी। यहां इस बात का ध्यान रखें कि इस स्टोरी में दिए गए ओपन इंटरेस्ट (OI)और स्टॉक्स के वॉल्यूम से संबंधित आंकड़े तीन महीनों के आंकड़ों का योग हैं, ये सिर्फ चालू महीनें से संबंधित नहीं हैं।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 17,668.37 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 17,590.83 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 17,810.67 फिर 17,875.43 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
निफ्टी बैंक के लिए पहला सपोर्ट 37,114.9 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 36,739.6 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 37,809 फिर 38,127.8 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
कॉल ऑप्शन डेटा
18000 की स्ट्राइक पर 20.79 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो जनवरी सीरीज में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा। इसके बाद 17500 पर सबसे ज्यादा 14.68 लाख कॉन्ट्रैक्ट का कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिल रहा है। वहीं, 18500 की स्ट्राइक पर 11.84 लाख कॉन्ट्रैक्ट का कॉल ओपन इंटरेस्ट है।
17700 की स्ट्राइक पर काल राइटिंग देखने को मिली। इस स्ट्राइक पर 2.12 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़े। उसके बाद 17800 पर भी 1.89 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़ते दिखे हैं।
17500 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल अनवाइंडिंग देखने को मिली। इसके बाद 17200 और फिर 17000 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल अनवाइंडिंग रही।
पुट ऑप्शन डेटा
17000 की स्ट्राइक पर 33.51 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो जनवरी सीरीज में अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा। इसके बाद 17500 पर सबसे ज्यादा 30.91 लाख कॉन्ट्रैक्ट का पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिल रहा है। वहीं, 17200 की स्ट्राइक पर 15.60 लाख कॉन्ट्रैक्ट का पुट ओपन इंटरेस्ट है।
17400 की स्ट्राइक पर पुट राइटिंग देखने को मिली। इस स्ट्राइक पर 3.68 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़े। उसके बाद 17500 पर भी 3.38 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़ते दिखे हैं। जबकि 17700 पर 2.17 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़े हैं।
17200 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा पुट अनवाइंडिंग देखने को मिली। इसके बाद 17900 और फिर 17000 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा पुट अनवाइंडिंग रही।
हाई डिलिवरी परसेंटेज वाले शेयर
इनमें एचडीएफसी लाइफ, पीआई इंडस्ट्रीज, एचयूएल, आईजीएल और एशियन पेंट के नाम शामिल हैं। हाई डिलिवारी परसेंटेज इस बात का संकेत होता है कि निवेशक उन शेयरों में रुचि दिखा रहे हैं।
FII और DII आंकड़े
6 जनवरी को भारतीय बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,926.77 करोड़ रुपए की बिकवाली की। वहीं, इस दिन घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 800.91 करोड़ रुपए की खरीदारी की।
NSE पर F&O बैन में आने वाले शेयर
7 जनवरी को NSE पर 1 स्टॉक RBL Bank F&O बैन में है। बताते चलें कि F&O सेगमेंट में शामिल स्टॉक्स को उस स्थिति में बैन कैटेगरी में डाल दिया जाता है, जिसमें सिक्योरिटीज की पोजीशन उनकी मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट से ज्यादा हो जाती है।
बल्क डील
Zee Learn में Spring Ventures ने 50 लाख इक्विटी शेयर 19.57 रुपए प्रति शेयर के भाव पर खरीदे हैं। वहीं, IndusInd Bank Ltd Client A/C ने 71,32,775 शेयर 17.77 रुपए प्रति शेयर के भाव पर बेचे हैं। इसी तरह Morgan Stanley Asia (Singapore) Pte - ODI ने भी Zee Learn के 47,69,108 शेयर 18.44 रुपए प्रति शेयर के भाव पर बेचे हैं।
ग्लोबल मार्केट से संकेत पॉजिटिव
ग्लोबल मार्केट से संकेत पॉजिटिव हैं। एशिया की मजबूत शुरुआत देखने को मिली है। SGX NIFTY चौथाई परसेंट ऊपर है। DOW FUTURES में 70 अंकों की मजबूती है। हालांकि कल अमेरिकी बाजार कमजोर बंद हुए थे। फेड के मिनिट्स के बाद बाजारों में घबराहट आई थी। Dow में 0.47% की गिरावट दर्ज की गई थी। S&P और NASDAQ भी लाल निशान में बंद हुए थे। S&P में 4 अंकों की गिरावट देखी गई थी। NASDAQ 19 अंक गिरकर बंद हुआ था।
NASDAQ में लगातार गिरावट क्यों? इस पर नजर डालें तो 8 सेशन में से 7 में गिरावट देखने को मिली है। यील्ड में उछाल से दबाव बढ़ा है। फरवरी 2021 के बाद NASDAQ के लिए सबसे खराब हफ्ता रहा है। US में 10 साल के बॉन्ड का यील्ड 1.72% पर आ गया है।
कच्चे तेल में तेज उछाल
इस बीच कच्चे तेल में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। ब्रेंट क्रूड का भाव 82 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। Kazakhstan संकट और लीबिया से सप्लाई की दिक्कतें िस के भाव पर असर डाल रही हैं। OPEC+ देशों की Kazakhstan की स्थिति पर नजर है। Kazakhstan से 1.6 मिलियन/बैरल उत्पादन होता है। Libya के करीब 5 लाख/बैरल तेल का उत्पादन घटा है। यहां पाइपलाइन मेंटेनेन्स और ऑयलफील्ड बंद करने से उत्पाद घटा है।