लगातार चौथे दिन बाजार की लगाम मंदड़ियों के हाथ में रही। बैंकिंग, फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली के चलते अक्टूबर सीरीज के पहले दिन बाजार करीब 0.5 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। 1 अक्टूबर को सेंसेक्स 360.78 गिरकर 58,765.58 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 86.20 अंक गिरकर 17,532 पर बंद हुआ था और इसमें डेली चार्ट पर डोजी पैटर्न बनाया।
निफ्टी ने वीकील स्केल पर भी बेरिस कैंडल बनाया था। बीते हफ्ते निफ्टी में 1.8 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान का कहना है कि पिछले हफ्ते की रैली के बाद निफ्टी ने अब इंट्रा डे चार्ट पर एक बियरिस कैंडल बना लिया है। इसके अलावा यह लोअर टॉप सीरीज फॉर्मेशन भी बना रहा है। जो कि अस्थाई कमजोरी का संकेत है।
श्रीकांत चौहान ने कहा कि बाजार में नियर फ्यूचर में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। ट्रेडर्स के लिए 17,650-17,750 पर रजिस्टेंस देखने को मिल सकता है। वहीं, 17,400-17,300 सपोर्ट के रुप में काम कर सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि कॉन्ट्रा टेडर्स (Contra traders) 17,300 के आसपास कॉन्ट्रा बेट ले सकते हैं। इसके लिए 17,250 का स्टॉप लॉस जरूर लगाएं। दूसरी तरफ 17,650 –17,750 लेवल के बीच में कुछ मुनाफा जेब में रखने की भी सलाह होगी।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकडे दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी। यहां इस बात का ध्यान रखें कि इस स्टोरी में दिए गए ओपन इंटरेस्ट (OI)और स्टॉक्स के वॉल्यूम से संबंधित आंकड़े तीन महीनों के आंकड़ों का योग हैं, ये सिर्फ चालू महीनें से संबंधित नहीं हैं।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 17 470.94 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 17,409.77 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 17,575.24 फिर 17,618.37 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
निफ्टी बैंक के लिए पहला सपोर्ट 36,968.4 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 36,710.9 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 37,391.4 फिर 37,556.9 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
कॉल ऑप्शन डेटा
18000 की स्ट्राइक पर 19.57 कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो अक्टूबर सीरीज में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा। इसके बाद 17500 पर सबसे ज्यादा 12.53 लाख कॉन्ट्रैक्ट का कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिल रहा है। वहीं, 17800 की स्ट्राइक पर 10.12 लाख कॉन्ट्रैक्ट का कॉल ओपन इंटरेस्ट है।
17500 की स्ट्राइक पर काल राइटिंग देखने को मिली। इस स्ट्राइक पर 4.66 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़े। उसके बाद 18000 पर भी 2.22 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़ते दिखे हैं। वहीं, 17400 की स्ट्राइक पर 1.51 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़ते दिखे हैं।
17700 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल अनवाइंडिंग देखने को मिली। इसके बाद 17000 और फिर 16800की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल अनवाइंडिंग रही।
17000 की स्ट्राइक पर 29.90 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो अक्टूबर सीरीज में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा। इसके बाद 17500 पर सबसे ज्यादा 24.90 लाख कॉन्ट्रैक्ट का पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिल रहा है। वहीं, 17200 की स्ट्राइक पर 13.53 लाख कॉन्ट्रैक्ट का पुट ओपन इंटरेस्ट है।
17000 की स्ट्राइक पर पुट राइटिंग देखने को मिली। इस स्ट्राइक पर 2.9 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़े। उसके बाद 17500 पर भी 2.13 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़ते दिखे हैं। वहीं, 17200 की स्ट्राइक पर 1.73 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़ते दिखे हैं।
17900 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा पुट अनवाइंडिंग देखने को मिली। इसके बाद 17800 और फिर 17700 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा पुट अनवाइंडिंग रही।
हाई डिलिवरी परसेंटेज वाले शेयर
इनमें इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस, एचयूएल, पीआई इंडस्ट्रजी और डॉबर के नाम शामिल हैं। हाई डिलिवारी परसेंटेज इस बात का संकेत होता है कि निवेशक उन शेयरों में रुचि दिखा रहे हैं।
62 स्टॉक्स में दिखा लॉन्ग बिल्ड-अप
ओपन इंटरेस्ट में बढ़त के साथ ही कीमतों में भी होने वाली बढ़त से आमतौर पर लॉन्ग पोजीशन बनने का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर 1 अक्टूबर के कारोबार में 62 शेयरों में लॉन्ग बिल्ड-अप देखने को मिला। इनमें ट्रेंट, टीवीएस मोटर्स, बाटा, सन टीवी, पेज इंडस्ट्रीज और डिक्शन जैसे नाम शामिल हैं।
21 स्टॉक्स में दिखी लॉन्ग अनवाइंडिंग
ओपन इंटरेस्ट में गिरावट के साथ ही कीमतों में भी होने वाली गिरावट से आमतौर पर लॉन्ग अनवाइंडिंग का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर 1 अक्टूबर के कारोबार में जिन 21 शेयरों में सबसे ज्यादा लॉन्ग लॉन्ग अनवाइंडिंग देखने के मिली उनमें टोरोंट फार्मा, गोदरेज प्रॉपर्टीज, एमएफएसएल, दीपक नाइट्रेट के नाम शामिल हैं।
70 स्टॉक्स में दिखा शॉर्ट बिल्ड-अप
ओपन इंटरेस्ट में बढ़त के साथ ही कीमतों में भी होने वाली गिरावट से आमतौर पर शॉर्ट बिल्ड-अप का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर कल के कारोबार में जिन 10 शेयरों में सबसे ज्यादा शॉर्ट बिल्ड-अप देखने को मिला उनमें कमिंस, कैनफिन होम, जी एंटरटेनमेंट, इंफी, आईईएक्स, भारती एयरटेल के नाम शामिल हैं।
22 स्टॉक्स में दिखी शॉर्ट कवरिंग
ओपन इंटरेस्ट में गिरावट के साथ ही कीमतों में होने वाली बढ़त से आमतौर पर शॉर्ट कवरिंग का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर 1 अक्टूबर के कारोबार में जिन 10 शेयरों में सबसे ज्यादा शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली उनमें इंडस टॉवर, ओएनजीसी और आरती इंडस्ट्रीज के नाम शामिल हैं।
FII और DII आंकड़े
1 अक्टूबर को भारतीय बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 131.39 करोड़ रुपए की खरीदारी की। वहीं, इस दिन घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 613.08 करोड़ रुपए की बिकवाली की।
बल्क डील
इंडिया ग्लाइकोल WHV-EAM International Small Cap Equity Fund ने 830.22 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कंपनी ने 1,86,947 इक्विटी शेयरों की खरीद की है।
Just Dial: नालंदा इक्विटी फंड ने 990.01 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कंपनी के 5,97,482 इक्विटी शेयरों की बिक्री की है।
NSE पर F&O बैन में आने वाले शेयर
4 अक्टूबर को NSE पर कोई स्टॉक F&O बैन में नहीं है। बताते चलें कि F&O सेगमेंट में शामिल स्टॉक्स को उस स्थिति में बैन कैटेगरी में डाल दिया जाता है, जिसमें सिक्योरिटीज की पोजीशन उनकी मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट से ज्यादा हो जाती है।