JPMorgan द्वारा बुधवार को प्रकाशित इंस्ट्रिटीशनल ट्रेडिंग क्लाइंट्स के एक वार्षिक सर्वे के मुताबिक 2022 में ग्लोबल मार्केट पर महंगाई (Inflation)अपना सबसे ज्यादा असर दिखाएगी जबकि इस वार्षिक सर्वे के लगातार छठवें एडिशन में लिक्विडिटी टॉप डेली ट्रेडिंग चैलेंज बनकर उभरा है।
नवंबर 2021 के अंत में हुए इस सर्वे में शामिल 718 इंस्टीट्यूशनल ट्रेडिंग क्लाइंट्स में से करीब 48 फीसदी लोगों ने कहा कि महंगाई साल 2022 का सबसे बड़ा मार्केट मूवर साबित होगा। बता दें कि पिछले साल के इस सर्वे में कोरोना महामारी सबसे बड़ा मार्केट मूवर बनकर उभरा था। पिछले 1 साल में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद बाजार पर हावी रही है और अब यह अनुमान कमजोर पड़ रहा है कि महंगाई एक अस्थाई स्थिति है और यह अपने आप खत्म हो जाएगी। दुनिया के तमाम देश इस समय बढ़ती महंगाई से परेशान हैं।
इस पोल में शामिल 13 फीसदी लोगों का मानना है कि इकोनॉमी डिस्लोकेशन और महामारी दूसरे ऐसे फैक्टर होंगे जो बाजार पर अपना असर दिखाएंगे। हाल के वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक चैनलों के जरिए होने वाली ट्रेडिंग में जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस सर्वे में शामिल सभी एसेट क्लास से संबंधित ट्रेडरों की राय है कि अगले 2 साल में भी इस ट्रेन्ड में मजबूती कायम रहेगी।
जेपी मॉर्गने के Scott Wacker का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण पिछले 2 साल के दौरान हमें असामान्य दौर से गुजरना पड़ा है। तमाम क्लाइंट ऑफिस की जगह घरों से काम कर रहे हैं। इस समय बाजार भी काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। ऐसे में हमें इलेक्ट्रोनिक ट्रेडिंग में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस सर्वे में शामिल 29 फीसदी ट्रेडर्स का कहना है कि मोबाइल ट्रेडिंग एप्लीकेशन अगले साल बाजार मे अपना महत्तवपूर्ण प्रभाव दिखाएंगे। जेपी मॉर्गन Scott Wacker का कहना है कि आगे चलकर आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस और मशीन लर्निंग मोबाइल टेक को पछाड़ते नजर आ सकते हैं।
इस सर्वे में शामिल लगभग 50 फीसदी ट्रेडर्स ने कहा कि अगले 3 साल की फ्यूचर ट्रेडिंग में आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस और मशीन लर्निंग बाजार को प्रभावित करने वाली सबसे अहम फैक्टर बनकर उभरेगी जबकि सर्वे में शामिल 24 फीसदी ट्रेडरों का कहना है कि ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी बाजार को आकार देने में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाएगी।