Trading Plan : क्या राज्य चुनावों के नतीजे निफ्टी और बैंक निफ्टी को शुक्रवार के निचले स्तर पर टिके रहने में कर सकते हैं मदद ?
Trading Plan: आज बाज़ार में सीमित दायरे में ट्रेडिंग होने की उम्मीद है। 24,350 के ऊपर जाने पर निफ्टी के लिए 24,600 का स्तर काफी अहम होगा। इसके पार जाने पर निफ्टी में 24,750–24,800 का स्तर देखने को मिल सकता। हालांकि,23800 के नीचे गिरने और उसके नीचे बने रहने पर इंडेक्स 23500 तक गिर सकता है
Trading Plan : राजेश भोसले का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए 55,000, 553,00 पर अहम रेजिस्टेंस और 54,700, 54,500 पर सपोर्ट दिख रहा है
Trading Plan : बाजार को इस हफ़्ते पिछले हफ़्ते की ट्रेडिंग रेंज 23,800–24,350 को तोड़ना होगा। अब सभी का फोकस 5 राज्यों के चुनावों के नतीजों और US और ईरान के बीच शांति समझौते से जुड़ी घटनाओं पर बना हुआ है। ऐसे में 24,350 के ऊपर जाने पर निफ्टी के लिए 24,600 का स्तर काफी अहम होगा। इसके पार जाने पर निफ्टी में 24,750–24,800 का स्तर देखने को मिल सकता। हालांकि,23800 के नीचे गिरने और उसके नीचे बने रहने पर इंडेक्स 23500 तक गिर सकता है।
इस बीच अगर बैंक निफ्टी 54,400 (शुक्रवार के निचले स्तर) से नीचे टूटता है तो 53700 अगला अहम लेवल होगा जिस पर नज़र रखनी चाहिए। बाजार जानकारों के मुताबिक ऊपर तरफ 55,500–55,800 का स्तर बैंक निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस का काम करेगा।
निफ्टी आउटलुक और रणनीति
सैमको सिक्योरिटीज में डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी इंडेक्स में कमज़ोरी जारी रही,फिर भी यह 0.382 फिबोनाची सपोर्ट जोन (23,770–23,750) को बचाने में कामयाब रहा। यह इस बात का संकेत है कि निचले स्तरों पर खरीदारी आ रही है और नियर टर्म के लिए एक डिमांड बेस बन रहा है।
हालांकि,निफ्टी को 0.50 फिबोनाची जोन (24,200–24,250) के पास लगातार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा है,जो 50-DEMA के साथ मेल खाता है। यह हर बढ़त पर मज़बूत सप्लाई प्रेशर को दिखाता है। इसकी बनावट एक रेंज-बाउंड सेटअप दिखाती है जिसमें सावधानी का भाव छिपा है,जबकि RSI का 50 के आसपास रहना यह संकेत देता है कि इंडेक्स की दिशा साफ नहीं है।
डेरिवेटिव्स के नज़रिए से देखें तो PCR (पुट-कॉल रेशियो) लगभग 0.86 पर है,जो थोड़ी सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है। इसमें 24,200–24,500 के आसपास कॉल राइटिंग और 23,800–23,500 के पास पुट सपोर्ट इसकी रेंज तय कर रहे हैं। जब तक इंडेक्स रेजिस्टेंस लेवल से नीचे बना रहता है, तब तक 'सेल-ऑन-राइज'(उछाल में बिकवाली) की रणनीति ही सबसे बेहतर मानी जाएगी।
अहम रेजिस्टेंस: 24,250, 24,500, 24,800
अहम सपोर्ट: 23,800, 23,650, 23,500
रणनीति: ट्रेडर्स 5 मई की एक्सपायरी वाले 'बेयर कॉल स्प्रेड'पर दांव लगा सकते हैं। इसके लिए वे 23,900 CE का एक लॉट 285 रुपये में बेचेंगे और 24,150 CE का एक लॉट 145 रुपये में खरीदेंगे। यह सेटअप बाज़ार में संभावित गिरावट (bearish scenario) का फ़ायदा उठाने के लिए तैयार किया गया है।
स्टॉप लॉस: इस रणनीति का सख्ती से पालन करें। इसमें डिसिप्लिंड रिस्क मैनेजमेंट के लिए अधिकतम मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान की सीमा ₹7,140 तय की गई है।
टारगेट: इस रणनीति को बनाए रखें,जिसका लक्ष्य अधिकतम 9,109 रुपये का मार्क-टू-मार्केट (MTM) प्रॉफ़िट कमाना है। साथ ही, जब MTM प्रॉफ़िट 7,500 रुपये से ज़्यादा हो जाए तो प्रॉफ़िट बुक कर सकते हैं।
एंजेल वन के तकनीकी विश्लेषक राजेश भोसले का कहना है कि लेवल्स के नज़रिए से 23,500 के निशान के पास मज़बूत सपोर्ट दिख रहा है,जो हाल के 'हायर बॉटम'स्ट्रक्चर से मेल खाता है। इसके बाद 23,400 का ज़ोन आता है जो अप्रैल की रैली के 50 प्रतिशत रिट्रेसमेंट के साथ मेल खाता है। ऊपर की तरफ बीते हफ़्ते इंडेक्स को 24,350 के आस-पास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा,जो आगे भी एक तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करता रहेगा। इस लेवल से ऊपर का ब्रेकआउट निफ्टी को 24,600 और उससे भी ऊंचे लेवल्स की ओर ले जा सकता है।
रणनीति: निफ्टी फ्यूचर्स 23,850 के आस-पास गिरावट पर खरीदें। 23,600 का स्टॉप-लॉस रखें और 24,600 का टारगेट तय करें।
धूपेश धमेजा का कहना है कि बैंक निफ्टी पर दबाव बना हुआ है। यह 0.50 फिबोनाची जोन (55,800) के नीचे बना हुआ है,जिससे पिछले कंसोलिडेशन से ब्रेकडाउन और तेज़ी आने पर लगातार सप्लाई आने की पुष्टि होती है। हालांकि, 0.382 फिबोनाची सपोर्ट (54,400–54,200) अभी भी बना हुआ है,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने और एक उभरते हुए रेंज स्ट्रक्चर का संकेत है।
तकनीकी तौर पर 'लोअर हाई'पैटर्न बनना और RSI का 45 के आस-पास होना,बाज़ार की कमज़ोर गति को दर्शाता है। डेरिवेटिव डेटा (PCR 0.87) एक संतुलित से लेकर सतर्क रुख दिखाता है,जिसमें 55,000–55,500 पर 'कॉल राइटिंग' और 54,500–54,000 पर 'पुट सपोर्ट'इस दायरे को तय करते हैं। जब तक इंडेक्स,रेजिस्टेंस के नीचे बना रहता है,तब तक 'उछाल पर बिकवाली' की रणनीति ही सबसे बेहतर तरीका रहेगी।
अहम रेजिस्टेंस: 55,200, 55,550, 55,900
अहम सपोर्ट: 54,500, 54,200, 53,900
रणनीति: ट्रेडर्स बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में 55,500–55,550 के ज़ोन की ओर पुलबैक होने पर शॉर्ट पोजीशन ले सकते हैं और 55,750 के ऊपर एक सख्त स्टॉप-लॉस रख सकते हैं। नीचे की ओर प्रॉफ़िट-बुकिंग के लक्ष्य 55,100–55,050 की रेंज में होगा।
राजेश भोसले का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए 55,000, 553,00 पर अहम रेजिस्टेंस और 54,700, 54,500 पर सपोर्ट दिख रहा है।
रणनीति : बैंक निफ्टी फ्यूचर्स को 54,800 के आस-पास खरीदें, 54,650 का स्टॉप-लॉस रखें और 55,200–55,400 का टारगेट सेट करें।
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