Promoters Buying Stocks: दो साल की भारी बिकवाली के बाद प्रमोटरों ने इन शेयरों में की बंपर खरीदारी, क्या इनमें से कोई है आपके पास?
Promoters Buying Stocks:जिन कंपनियों में लगातार चार तिमाहियों तक प्रमोटरों की खरीदारी देखने को मिली,उनमें गोदरेज प्रॉपर्टीज़,चंबल फर्टिलाइज़र्स एंड केमिकल्स,JM फाइनेंशियल,महाराष्ट्र सीमलेस,सुप्राजित इंजीनियरिंग,पिलानी इन्वेस्टमेंट एंड इंडस्ट्रीज,सेंको गोल्ड,रेमंड लाइफस्टाइल,DB Corp,राशि पेरिफेरल्स और BL कश्यप एंड संस शामिल हैं
ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक करेक्शन के बाद शेयरों का सस्ता होना प्रमोटरों की दिलचस्पी के पीछे की एक मुख्य वजह लग रहा है
Stock Market News : मार्च तिमाही में प्रमोटरों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की है। हालांकि, 2024 और 2025 के दौरान इन्होंने महंगे वैल्यूएशन के बीच लगातार बिकवाली की थी। मार्च तिमाही में उन्होंने कई कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। ACE इक्विटीज के आंकड़ों से पता चलता है कि प्रमोटरों ने लगभग 4,700 लिस्टेड कंपनियों में से 695 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इनमें से 50 कंपनियों में लगातार चार तिमाहियों तक उनकी हिस्सेदारी में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
जिन कंपनियों में लगातार चार तिमाहियों तक प्रमोटरों की खरीदारी देखने को मिली उनमें गोदरेज प्रॉपर्टीज़ चंबल फर्टिलाइज़र्स एंड केमिकल्स,JM फाइनेंशियल,महाराष्ट्र सीमलेस,सुप्राजित इंजीनियरिंग,पिलानी इन्वेस्टमेंट एंड इंडस्ट्रीज़,सेंको गोल्ड,रेमंड लाइफस्टाइल,DB कॉर्प,राशि पेरिफेरल्स और BL कश्यप एंड संस शामिल हैं।
तिमाही बेसिस पर अडानी एंटरप्राइजेज,GMR एयरपोर्ट्स,JSW एनर्जी,ग्रासिम इंडस्ट्रीज,जिंदल स्टेनलेस,मारुति सुजुकी और इंडस टावर्स जैसी कंपनियों में प्रमोटरों की हिस्सेदारी में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से पावर,इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट जैसे ज़्यादा एसेट वाले सेक्टरों में हुई है।
इस पर जारी जेफरीज (Jefferies) के एक नोट में बताया गया है कि 2026 में प्रमोटर की खरीदारी ओपन मार्केट में हुई खरीदारी,राइट्स इश्यू में हिस्सा लेने और रणनीतिक निवेशकों से अधिग्रहण के जरिए हुई है। इन सौदों कुल मूल्य 4 अरब डॉलर से ज्यादा है। प्रमोटरों की खरीदारी गोदरेज प्रॉपर्टीज, अदानी एनर्जी,मारुति,ग्रासिम,जिंदल स्टेनलेस,लोढ़ा और इंडस टावर्स जैसी कंपनियों में देखने को मिली है।
अदानी एंटरप्राइजेज के प्रमोटरों ने अपनी हिस्सेदारी के अनुपात में राइट्स इश्यू में हिस्सा लिया और लगभग 2 अरब डॉलर का निवेश किया। जबकि, GMR एयरपोर्ट्स के प्रमोटरों ने कई सौदों के जरिए लगभग 1अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया। इसके अलावा,JSW एनर्जी के प्रमोटरों ने इक्विटी प्लेसमेंट और कन्वर्टिबल वारंट के जरिए इसमें हिस्सा लिया।
शेयरों का सस्ता होना प्रमोटरों की दिलचस्पी के पीछे की मुख्य वजह
ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक वैल्यूएशन में नरमी (शेयरों का सस्ता होना) प्रमोटरों की दिलचस्पी के पीछे की एक मुख्य वजह लग रहा है। MSCI इंडिया इंडेक्स 2026 में अब तक लगभग 6 प्रतिशत गिरा है और इसका एक साल का फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल घटकर लगभग 20.2 गुना हो गया है, जो 10 साल के औसत के करीब है। जबकि पहले यह 22 गुना के टॉप पर था।
कई कंपनियों में प्रमोटरों की बिकवाली रही जारी
दूसरी ओर कई कंपनियों में प्रमोटरों की बिकवाली जारी रही। इस तिमाही के दौरान 467 कंपनियों में प्रमोटरों की हिस्सेदारी में गिरावट आई। इनमें से 109 कंपनियों में लगातार चार तिमाहियों तक हिस्सेदारी में कमी देखी गई।
जिन कंपनियों में प्रमोटरों ने लगातार चार तिमाहियों तक अपनी हिस्सेदारी घटाई है उनमें विप्रो,SBI लाइफ इंश्योरेंस,चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस, HDFC एएमसी,आदित्य बिड़ला कैपिटल,ICICI लोम्बार्ड,ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर,एफएसएन ई-कॉमर्स वेंचर्स,एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक,डिक्सन टेक्नोलॉजीज और निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट शामिल हैं।
पिछले दो सालों में प्रमोटर रहे नेट सेलर
पिछले दो सालों में प्रमोटर नेट सेलर रहे हैं। 2024 और 2025 में उनकी कुल बिक्री लगभग 56 अरब डॉलर रही। इसमें से,लगभग 36 अरब डॉलर की बिक्री सेकेंडरी मार्केट ब्लॉक डील के ज़रिए हुई। जबकि लगभग 20 अरब डॉलर IPO के ज़रिए आए। इस लगातार बिकवाली की वजह से BSE-500 कंपनियों में प्रमोटरों की हिस्सेदारी घटकर दिसंबर 2025 तक अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 48.4 प्रतिशत पर पहुंच गई।