TRAI ने इंडस टावर को जनहित में VI की सेवाएं प्रभावित नहीं हों इस पर विचार करने को कहा- सूत्र

वोडाफोन आइडिया ने पिछले महीने की किश्त नहीं चुकाई। इसके बाद वोडाफोन और इंडस टावर्स दोनों ने TRAI के पास गुहार लगाई थी। VI ने कहा कि किश्त नहीं चुकाने से हमारी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। सूत्रों ने कहा कि TRAI ने इंडस टावर से जनहित में सेवाएं प्रभावित नहीं करने के लिए विचार करने को कहा है

अपडेटेड Oct 06, 2023 पर 3:41 PM
Indus Towers का कहना है कि अब इस मामले में TRAI को दखल नहीं देना चाहिए। अपने पैसे वसूलने के लिए हमारे पास सारे कानूनी विकल्प खुले हुए हैं
     
     
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    वोडाफोन आइडिया (vodafone idea) के लिए राहत की खबर निकलकर सामने आ रही है। इंडस टावर (Indus Towers) को पेमेंट नहीं करने के मामले में वोडाफोन आइडिया को राहत मिल सकती है। सीएनबीसी-आवाज़ को सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने इंडस टावर को वोडाफोन आइडिया की सेवा प्रभावित नहीं करने पर विचार करने को कहा है। TRAI ने कहा कि इंडस टावर को जनहित में VI की सेवाएं प्रभावित नहीं करने के लिए विचार करना चाहिए।

    इस खबर पर ज्यादा डिटेल्स बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के असीम मनचंदा ने कहा कि इंडस टावर और वोडाफोन आइडिया के बीच पैसे के पेमेंट को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। वोडाफोन आइडिया ने पिछले महीने की पेमेंट इंडस टावर को नहीं दी है। इसका मतलब ये है कि VI ने पिछले महीने की किश्त नहीं चुकाई है।

    किश्त चुकाने में असमर्थ होने पर वोडाफोन और इंडस टावर्स दोनों ने TRAI के पास गुहार लगाई थी। VI (vodafone idea) का कहना था कि हम किश्त नहीं चुका सके हैं तो हमारी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इस पर TRAI ने इंडस टावर से जनहित के लिहाज से सेवाएं प्रभावित नहीं करने के लिए विचार करने को कहा है। ये जानकारी एक्सक्लूसिव सूत्रों के हवाले से मिली है।


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    हालांकि इंडस टावर  (Indus Towers) के सीईओ का कहना है कि हमारे पास सभी कानूनी रास्ते खुले हुए हैं। इस मुद्दे पर TRAI को दखल नहीं देना चाहिए। हमें अपने पैसे चाहिए और अपने पैसे पाने के लिए हम सारे कानूनी विकल्प को अपनाने के लिए तैयार हैं।

    इंडस टावर का कहना है कि VI पर उनका 8,000 करोड़ रुपये का बकाया है। VI ने इस महीने की 900 करोड़ रुपये की किश्त भी नहीं चुकाई है। दोनों कंपनियों के बीच कांट्रेक्ट पर विवाद चल रहा है। इंडस टावर का कहना है कि VI ने हर महीने 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त देने का भरोसा दिलाया था

     

     

     

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