Transrail Share Price: ट्रांसरेल लाइटिंग के शेयरों ने आज ऐसा धमाल मचाया कि यह 5% उछल पड़ा। इसमें यह जोश बड़े ऑर्डर्स पर आया है, जिसके बारे में कंपनी ने आज एक्सचेंज फाइलिंग में दी। एक हफ्ते से भी कम समय में कंपनी को यह दूसरा बड़ा ऑर्डर मिला है। अब ₹412 करोड़ के नए ऑर्डर्स पर ट्रांसरेल लाइटिंग के शेयर झूम उठे। फिलहाल बीएसई पर यह 4.03% की बढ़त के साथ ₹481.50 पर है। इंट्रा-डे में यह 4.89% चढ़कर ₹485.50 तक पहुंच गया था।
कैसा ऑर्डर मिला है Transrail Lighting को?
ट्रांसरेल लाइटिंग को कोर T&D (ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) बिजनेस में ₹412 करोड़ के नए ऑर्डर्स मिले हैं। इसके साथ ही इस साल कंपनी को कुल ₹2,021 करोड़ के ऑर्डर मिल चुके हैं, जिसमें ₹409 करोड़ के वे ऑर्डर्स भी शामिल हैं, जिसके लिए कंपनी ने सबसे कम बोली लगाई है।
₹412 करोड़ के नए ऑर्डर्स में HTLS (हाई टेंपरेचर लो सैग) कंडक्टर्स वाला घरेलू ट्रांसमिशन-लाइन रीकंडक्टरिंग प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। HTLS कंडक्टर ऐसे ट्रांसमिशन तार होते हैं जिसे ज्यादा तापमान पर ज्यादा बिजली ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है, साथ ही ये तार फैलते और लटकते यानी सैग भी कम हैं। इनका इस्तेमाल मौजूदा ट्रांसमिशन लाइनों की क्षमता बढ़ाने और ग्रिड की विश्वसनीयता बेहतर करने के लिए किया जाता है। फाइलिंग के अनुसार कंपनी के पास टावर के लिए 1,84,400 MTPA और कंडक्टर के लिए 40,800 KMPA की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता है, जिससे उसे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में बढ़ती मांग का फायदा मिल सकता है।
एक हफ्ते में दूसरा बड़ा ऑर्डर
ट्रांसरेल लाइटिंग को ₹412 करोड़ के नए ऑर्डर्स मिले हैं। इससे पहले एक हफ्ते से भी कम समय में कंपनी को एक और बड़ा ऑर्डर मिला था। 30 सितंबर को एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने जानकारी दी थी कि इसे ₹574 करोड़ से अधिक के नए ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर भी मुख्य रूप से इसके घरेलू T&D (ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन) बिजनेस से जुड़े थे। इसके बाद कंपनी के शेयरों में 10% से अधिक की तेजी आई थी। कंपनी ने बताया कि इनमें सिलवासा प्लांट में बने कार्बन-कोर HTLS कंडक्टर के जरिए री-कंडक्टिंग प्रोजेक्ट्स का बड़ा हिस्सा था।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल
ट्रांसरेल लाइटिंग के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 8 अक्टूबर 2025 को बीएसई पर यह ₹766.75 के भाव पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 11 महीने में यह 47.70% टूटकर 16 सितंबर 2026 को ₹401.00 तक आ गया था, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹432 के भाव पर जारी हुए थे और 27 दिसंबर 2024 को लिस्ट हुए थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।