Trump Tariff Pause : ट्रंप ने अपने तरफ टैरिफ वार के मुकाबले में जवाबी टैरिफ नहीं लगाने वाले देशों के लिए राहत के संकेत दिये हैं। ट्रंप ने जवाबी टैरिफ नहीं लगाने वाले देशों पर 90 दिनों के लिए रेसीप्रोकल टैरिफ पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया है। हालांकि चीन पर टैरिफ बढ़ाकर 125 परसेंट कर दिया गया है। ट्रंप के इस ऐलान से अमेरिकी बाजारो में तूफानी तेजी आई। ट्रंप के ऐलान से अमेरिकी शेयर मार्केट में 2008 के बाद सबसे बड़ी तेजी देखने को मिली। ट्रंप द्वारा टैरिफ पर पॉज से पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है। इस पर चर्चा करने के लिए तमाम देशों को अब 90 दिनों का वक्त मिल गया है। अब अमेरिकी बाजारों के बाद भारत के बाजारों में भी आतिशबाजी देखने को मिल सकती है। कल भारतीय बाजारों में आईटी स्टॉक्स में जोरदार एक्शन दिख सकता है।
ट्रंप के टैरिफ पॉज के बाद क्या है दिग्गजों की राय
शुक्रवार से IT में तेजी की संभावना
KEDIANOMICS के फाउंडर सुशील केडिया ने हमारे सहयोगी चैनल सीएनबीसी-आवाज़ से बातचीत करते हुए कहा कि ट्रंप के टैरिफ पॉज से भारतीय बाजारों में तेजी आ सकती है। उन्होंने कहा कि टैरिफ रोलबैक ट्रंप का मास्टर स्ट्रोक रहा है। कल शुक्रवार के दिन भारतीय आईटी कंपनियों के स्टॉक्स में तेजी आने की संभावना है। निफ्टी में एक बड़ी रैली दिख सकती है। अब निफ्टी निफ्टी 24,000 के लेवल तक भी जा सकता है।
केडिया ने आगे कहा कि कच्चेमाल को लेकर चीन मनमानी कर रहा है। ट्रंप ने चीन के वर्चस्व की लड़ाई को तोड़ने की पहल की है। चीन अनैतिक व्यापार नीति को बढ़ावा देता है। चीन के सामने खड़ा होने का बाकी देशों के पास मौका है।
KOTAK MAHINDRA AMC के एमडी नीलेश शाह की राय
ट्रंप के फैसलों का अनुमान मुश्किल
नीलेश शाह ने सीएनबीसी-आवाज़ से कहा कि ट्रंप के फैसलों का अनुमान लगाना मुश्किल है। उन्होंने रेवेन्यू जनरेशन के लिए टैरिफ का फैसला लिया होगा। इंपोर्ट कम हो इसके लिए US ने टैरिफ लगाया। लेकिन टैरिफ वॉर में अमेरिका सहित सभी देशों का नुकसान है। इंपोर्ट टैरिफ से सप्लाई चेन प्रभावित होती है। उन्होंने कहा ऐसे बाजार में भी एसआईपी करते रहना चाहिए क्योंकि एसआईपी बंद करना सही फैसला नहीं है।
US का मुख्य उद्देश्य चीन को परेशान करना है। भारत को डंपिंग के मुद्दे पर भी गंभीरता से बात करनी होगी। चीन की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता काफी मजबूत है। टैरिफ से साथ साथ सुरक्षा के मुद्दे पर भी US से बातचीत होनी चाहिए। भारत को डंपिंग के मुद्दे पर भी गंभीरता से बात करनी होगी।
(डिस्क्लेमरः Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।)