UHM Vacation IPO Listing: बी2बी ट्रैवल सर्विसेज ऑफर करने वाली यूएचएम वैकेशन के शेयरों की आज BSE SME पर भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और हर कैटेगरी के लिए आरक्षित हिस्सा पूरा भर नहीं पाया था लेकिन ओवरऑल यह 2 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ के तहत ₹166 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹132.80 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि उनकी पूंजी ही लिस्टिंग पर 20% घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए।
टूटकर यह ₹126.20 (UHM Vacation Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 23.98% घाटे में हैं। चूंकि लॉट साइज 800 शेयरों का था यानी कि हर लॉट पर आईपीओ निवेशकों को ₹31,840 का घाटा हुआ है।
UHM Vacation IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
यूएचएम वैकेशन का ₹36 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 4-8 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 2.36 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.00 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.86 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.86 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹29 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 4.20 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹10.47 करोड़ कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹4.90 करोड़ मार्केटिंग और प्रमोशन में, ₹6.42 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
यूएचएम वैकेशन एक बी2बी ट्रैवल और टूरिज्म एग्रीगेटर है जो एक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के जरिए कई ट्रैवल सर्विसेज ऑफर करती है। यह एयरलाइन टिकट्स, होटल एकोमेडेशंस, क्रूजेज, कार रेंटल्स, वीजा असिस्टेंस, ट्रांसफर्स, टूर्स और हॉलिडे पैकेजेज जैसी सर्विसेज या तो सीधे या थर्ड पार्टी के जरिए देती है। यह ट्रैवल एजेंसीज, कॉरपोरेट ट्रैवल मैनेजर्स और इंडिपेंडेंट ट्रैवल एजेंट्स को सर्विसेज देती है। इसका कारोबार भारत और खाड़ी देशों में फैला हुआ है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹11 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹5.27 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹7.18 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन 40% की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹40.20 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो शुरुआती 11 महीने में कंपनी को ₹8.05 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹45.29 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। फरवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹6 लाख का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹25.15 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।