Vahh Chemicals IPO Listing: कपड़ों की रंगाई से लेकर उनकी क्वालिटी बढ़ाने के लिए केमिकल्स बनाने वाली वाह केमिकल्स के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 87 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹60 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹70.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 16.67% का लिस्टिंग गेन (Vahh Chemicals Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। ₹71.00 की ऊंचाई तक पहुंचकर यह ₹66.50 के लोअर सर्किट पर आ गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 10.83% घाटे में हैं।
Vahh Chemicals IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
वाह केमिकल्स का ₹13 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 4-8 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 87.17 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 74.08 गुना और खुदरा निवेशकों ते लिए आरक्षित आधा हिस्सा 100.18 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 22.42 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹5.84 करोड़ वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों, ₹1.93 करोड़ सूरत में एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने, ₹1.84 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Vahh Chemicals के बारे में
वाह कैमिकल्स कपड़ों से जुड़े केमिकल्स बनाती है। इसके मुख्य ग्राहक डाईंग और प्रिंटिंग हाउसेज हैं। यह कॉटन, पॉलीएस्टर, सिल्क और सिंथेटिक ब्लेंड्स जैसे अलग-अलग टेक्सटाइल मैटीरियल के लिए 92 SKU (स्टॉक कीपिंग यूनिट) ऑफर करती है।
कंपनी मुख्य रूप से बी2बी मॉडल पर काम करती है। इसका बिजनेस तीन सेगमेंट्स में फैला हुआ है। एक तो यह प्री-ट्रीटमेंट, डाईंग और फिनिशिंग के लिए टेक्सटाइल केमिकल्स बनाती है; दूसरा यह टेक्सटाइल की क्वालिटी बढ़ाने के लिए जरूरतों के मुताबिक केमिकल ब्लेंड करती है और तीसरा ये कि इसकी एक सब्सिडरी HSHS न्यूट्रास्युटिकल्स लिमिटेड डिवाइन न्यूट्रिशन ब्रांड के तहत न्यूट्रास्युटिकल प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है जिसकी देश भर में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सप्लीमेंट स्टोर और जिम डिस्ट्रीब्यूटर्स के जरिए बिक्री होती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष 2026 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 97.29% बढ़कर ₹5.09 करोड़ और टोटल इनकम 81.85% उछलकर ₹43.19 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹11.31 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹8.85 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।