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Ujjivan Small Finace Bank के शेयरों में लंबी अवधि का निवेश कैसा रहेगा?

उज्जीवन एसएफबी की माइक्रोफाइनेंस बुक की ग्रोथ 37 फीसदी रही है, जो नॉन-माइक्रोफाइनेंस बुक की 16 फीसदी ग्रोथ से काफी ज्यादा है। डिस्बर्समेंट के मोर्चे पर नॉन-माइक्रोफाइनेंस की ग्रोथ 44 फीसदी रही, जिसमें हाउसिंग सेक्टर के लोन का बड़ा हाथ है। एक क्षेत्र जिसमें बैंक का प्रदर्शन सुस्त है, वह है MSME सेगमेंट। इसकी वजह यह है कि इस सेगमेंट में एसेट क्वालिटी के मसले हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 21, 2023 पर 6:24 PM
Ujjivan Small Finace Bank के शेयरों में लंबी अवधि का निवेश कैसा रहेगा?
इस फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में बैंक का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट 30 फीसदी बढ़ा है। इससे पता चलता है कि पिछले फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही से ग्रोथ अच्छी बनी हुई है।

Ujjivan SFB के शेयरों का प्रदर्शन पिछले एक साल में शानदार रहा है। इसमें बैंक की एसेट क्वालिटी में इम्प्रूवमेंट का बड़ा हाथ है। इसकी वजह से बैंक को बैड लोन के लिए ज्यादा प्रोविजनिंग करने की जरूरत नहीं पड़ी, जिससे उसका प्रॉफिट बढ़ा। अब बैंक की सेहत अच्छी नजर आ रही है। इसमें आर्थिक हालात में आई बेहतरी का भी हाथ है। सवाल है कि क्या इस स्टॉक में निवेश करने का यह सही वक्त है? इस सवाल का जवाब पाने के लिए हमें उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के परफॉर्मेंस को करीब से देखना होगा। इस फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में बैंक का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट 30 फीसदी बढ़ा है। इससे पता चलता है कि पिछले फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही से ग्रोथ अच्छी बनी हुई है।

25,326 करोड़ रुपये की बुक साइज ग्रोथ में मददगार

उज्जीवन एसएफबी की माइक्रोफाइनेंस बुक की ग्रोथ 37 फीसदी रही है, जो नॉन-माइक्रोफाइनेंस बुक की 16 फीसदी ग्रोथ से काफी ज्यादा है। डिस्बर्समेंट के मोर्चे पर नॉन-माइक्रोफाइनेंस की ग्रोथ 44 फीसदी रही, जिसमें हाउसिंग सेक्टर के लोन का बड़ा हाथ है। एक क्षेत्र जिसमें बैंक का प्रदर्शन सुस्त है, वह है MSME सेगमेंट। इसकी वजह यह है कि इस सेगमेंट में एसेट क्वालिटी के मसले हैं। कलेक्शन एफिशियंसी भी कमजोर है। हालांकि, कुल 25,326 करोड़ रुपये के बुक साइज को देखते हुए ग्रोथ को लेकर तब तक किसी तरह की चिंता नहीं होनी चाहिए, जब तक बुनियादी आर्थिक माहौल बेहतर बना हुआ है।

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