फैबलेस चिप बनाने वाली कंपनी Intel भारत में सेमी कंडक्टर बनाने के लिए एक यूनिट लगाने की तैयारी में है। अमेरिका स्थित इस चिप बनाने वाली कंपनी का एलान उस समय हुआ है जब हाल ही में यूनियन कैबिनेट ने देश में सेमी कंडक्टर के उत्पादन और इससे संबंधित रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए बड़े एलान किए हैं।
गौरतलब है कि भारत सरकार आत्मनिर्भर योजना के तहत देश में तमाम तरह की मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर फोकस कर रही है। जिसमें सेमी कंडक्टर भी शामिल है। आईटी औऱ इलेक्ट्रोनिक्स मिनिस्टर अश्वनी वैष्णव ने ट्वीटर पर Intel का स्वागत करते हुए लिखा है “Intel - welcome to India."
बताते चलें कि हाल ही में यूनियन कैबिनेट ने भारत में सेमी कंडक्टर और डिस्पले मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 76,000 करोड़ रुपये की एक योजना को मंजूरी दी है। सरकार देश को हाईटेक प्रोडक्शन के हब के तौर पर विकसित करना चाहती है।
कैबिनेट के इस फैसले के बारे में बताते हुए अश्वनी वैष्णव ने कहा था कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की अहम भूमिका हो गई है। वहीं इलेक्ट्रोनिक प्रोडक्ट्स में सेमी कंडक्टर चिप की अहम भूमिका होती है। देश को हाईटेक प्रोडक्ट का ग्लोबल हब बनाने के लिए सेमी कंडक्टर चिप बनाने में हमें महारत हासिल करनी होगी जिसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने 76,000 करोड़ रुपये की यह योजना शुरु की है।
सरकार का अनुमान है कि इस स्कीम के तहत इंडस्ट्रीज की तरफ से 1.7 लाख करोड़ रुपये का निवेश आ सकता है। इसके साथ ही यह भी उम्मीद है कि इस स्कीम के तहत मीडिया टेक, इंटेल क्वालकॉम, टेक्सस इस्ट्रूमेंट जैसी कंपनियां भारत में अपनी ईकाईयां लगाने के लिए प्रोत्साहित हो सकती हैं।
सरकार उस समय यह स्कीम लेकर आने की तैयारी में है जब पूरी दुनिया सेमी कंडक्टर की सप्लाई की कमी की समस्या से जूझ रही है । सूत्रों के मुताबिक सरकार सेमी कंडक्टर प्रदर्शन के लिए 2 फैब यूनिट की स्थापना की तैयारी में है। इसके अलावा डिजाइनिंग, मैन्यूफैक्चरिंग के लिए 10 यूनिट लगाई जा सकती है। इस स्कीम के तहत भारत को सेमी कंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने की योजना है।
गौरतलब है कि सेमी कंडक्टर सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में लगने वाले अहम कलपुर्जों में आता है। पूरी दुनिया में सेमी कंडक्टर की सप्लाई में आई कमी से हाल ही में स्मार्टफोन, लैपटॉप, कार और तमाम तरह के उत्पादों के प्रोडक्शन पर प्रतिकूल असर पड़ा है।