US-Iran Truce Deal: अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौता जल्द! गिफ्ट निफ्टी ने भरी उड़ान, कच्चे तेल में बड़ी गिरावट

US-Iran Truce Deal: अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों ने ग्लोबल मार्केट में बड़ा असर दिखाया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई, जबकि गिफ्ट निफ्टी उछल गया। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या सच में युद्ध टलने वाला है।

अपडेटेड May 20, 2026 पर 11:03 PM
Story continues below Advertisement
रात करीब 11 बजे तक यह 0.58% के उछाल के साथ 23,803 पर था।

US-Iran Truce Deal: ईरान युद्ध खत्म होने की उम्मीदों ने ग्लोबल मार्केट में राहत की लहर पैदा कर दी। बातचीत आगे बढ़ने और संभावित शांति समझौते की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 4.22% गिरकर 88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। तेल सस्ता होने से निवेशकों को उम्मीद है कि महंगाई का दबाव कम होगा और ब्याज दरों पर तनाव घट सकता है।

इसी राहत का असर शेयर बाजार में भी दिखा। S&P 500 ने तीन दिन की गिरावट तोड़ते हुए मजबूती दिखाई, जबकि Nasdaq में अच्छी तेजी रही। गिफ्ट निफ्टी में भी तेजी दिखी। रात करीब 11 बजे तक यह 0.58% के उछाल के साथ 23,803 पर था। इससे संकेत मिलता है कि 21 मई को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुल सकते हैं।

पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका


ईरान और अमेरिका के बीच समझौते को लेकर कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान एक बार फिर अहम मध्यस्थ की भूमिका निभाता दिख रहा है। Al Arabiya English की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर बुधवार को ईरान जा सकते हैं। वहां वह यह ऐलान कर सकते हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच 'फाइनल ड्राफ्ट एग्रीमेंट' तैयार हो चुका है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि हज सीजन खत्म होने के बाद बातचीत का अगला दौर इस्लामाबाद में हो सकता है। इससे साफ संकेत मिलता है कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच बैकचैनल बातचीत कराने में लगातार सक्रिय है।

समझौते में क्या-क्या शामिल हो सकता है?

बताया जा रहा है कि प्रस्तावित समझौते में कई बड़े मुद्दे शामिल हैं, जिन पर लंबे समय से बातचीत अटकी हुई थी। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना, ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत, समुद्री सुरक्षा की गारंटी और दोबारा बड़े युद्ध को रोकने के लिए नया तंत्र तैयार करना शामिल है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस हफ्ते कहा था कि उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई रोक दी, क्योंकि ईरान की तरफ से नया शांति प्रस्ताव भेजा गया था। ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे खाड़ी देशों के नेताओं ने उन्हें कूटनीति को और समय देने की सलाह दी थी।

ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं शर्तें

ईरान ने साफ कहा है कि किसी भी लंबे समझौते के लिए प्रतिबंधों में राहत, फ्रीज किए गए ईरानी फंड्स की रिहाई और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना जरूरी होगा। पिछले कुछ हफ्तों में आसिम मुनीर ने ईरानी अधिकारियों से कई बैठकें भी की हैं। इन बैठकों का मकसद सीजफायर को स्थिर रखना और बातचीत को आगे बढ़ाना बताया गया है।

ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर समझौते का मसौदा अंतिम रूप ले लेता है, तो हज सीजन खत्म होने के बाद इस्लामाबाद औपचारिक वार्ता के अगले दौर की मेजबानी कर सकता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।