US-Iran War: क्रूड अगर 100 डॉलर पहुंचा तो इन शेयरों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

दुनिया में तेल की करीब 20 फीसदी सप्लाई होर्मुज की खाड़ी के रास्ते होती है। खासकर भारत और चीन को तेल की सप्लाई इसी रास्ते से होती है। बताया जाता है कि ईरान ने होर्मुज की खाड़ी को बंद कर दिया है। इससे इस रास्ते से जहाजों का आवागमन बंद है

अपडेटेड Mar 07, 2026 पर 4:07 PM
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IOC का शेयर 6 मार्च को 2 फीसदी गिरकर 168 रुपये पर बंद हुआ। लड़ाई शुरू होने के बाद से यह शेयर 10 फीसदी क्रैश कर चुका है।

क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें न सिर्फ आम आदमी के लिए चिंता की बात है बल्कि इससे कई इंडस्ट्रीज को भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से क्रूड का भाव करीब 20 फीसदी चढ़ चुका है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर होर्मुज की खाड़ी ज्यादा समय तक बंद रहती है तो कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।

होर्मुज की खाड़ी बंद होने से क्रूड की सप्लाई पर असर

दुनिया में तेल की करीब 20 फीसदी सप्लाई होर्मुज की खाड़ी के रास्ते होती है। खासकर भारत और चीन को तेल की सप्लाई इसी रास्ते से होती है। बताया जाता है कि ईरान ने होर्मुज की खाड़ी को बंद कर दिया है। इससे इस रास्ते से जहाजों का आवागमन बंद है। इससे क्रूड की कीमतें चढ़ रही हैं। इसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दिख रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेल और गैस की सप्लाई बाथित होने का असर कई इंडस्ट्री पर पड़ेगा।


कई इंडस्ट्रीज के लिए मुसीबत पैदा करेगा महंगा क्रूड

गुजरात के मोरबी में टाइल्स बनाने वाली कंपनियों ने उत्पादन बंद कर दिया है। आने वाले दिनों में कई दूसरे इंडस्ट्रीज पर भी महंगे तेल और गैस की कीमतों का असर पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेल और गैस के महंगा होने का सबसे ज्यादा असर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, एविएशन कंपनियों, पेंट्स कंपनियों, टायर कंपनियों, ऑटो कंपनियों, केमिकल और फर्टिलाइजर्स बनाने वाली कंपनियों पर पड़ेगा। हालांकि, तेल उत्पादक कंपनियों को इससे फायदा होगा।

तेल कंपनियों के शेयरों में लड़ाई शुरू होने के बाद से गिरावट

महंगे क्रूड ऑयल का सीधा असर एचपीसीएल, बीपीसीएल और IOC जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मार्जिन पर पड़ेगा। ये कंपनियां क्रूड में उछाल का बोझ तुरंत ग्राहकों पर नहीं डालती हैं। इसका मतलब है कि उन्हें बढ़ी हुई कीमत का बोझ खुद उठाना होगा। इसका असर उनके मुनाफे पर पड़ेगा। इससे उनके शेयरों की कीमतों में गिरावट आ सकती है। IOC का शेयर 6 मार्च को 2 फीसदी गिरकर 168 रुपये पर बंद हुआ। लड़ाई शुरू होने के बाद से यह शेयर 10 फीसदी क्रैश कर चुका है। HPCL का शेयर 6 मार्च को 3.14 फीसदी गिरा। यह शेयर लड़ाई शुरू होने के बाद 7.5 फीसदी गिर चुका है।

एयरलाइंस कंपनियों के शेयरों पर भी बढ़ेगा दबाव

महंगा क्रूड एयरलाइंस कंपनियों के लिए अच्छा नहीं है। एयरलाइंस कंपनियों के कुल खर्च में एटीएफ की बड़ी हिस्सेदारी है। इसका मतलब है कि क्रूड के 100 डॉलर पर जाने से Interglobe Aviation, SpiceJet जैसी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आ सकती है। Interglobe Aviation का शेयर 6 मार्च को 2.28 फीसदी फिसला। लड़ाई शुरू होने के बाद से यह शेयर करीब 8.5 फीसदी गिर चुका है।

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केमिकल कंपनियों के शेयरों में आ सकती है गिरावट

क्रूड में उछाल से पेंट बनाने वाली कंपनियों पर भी असर पड़ेगा। इससे एशियन पेंट्स, बर्जर बेंट्स और कंसाई नेरोलक पेंट्स के शेयरों में गिरावट आ सकती है। फर्टिलाइजर्स बनाने वाली कंपनियों की मुसीबत भी महंगे क्रूड के वजह से बढ़ेंगी। इसका मतलब है कि चंबल फर्टिलाइजर्स, नागार्जुन फर्टिलाइजर्स, जीएसएफसी, आरसीएफ, सुप्रीम पेट्रोकेम, डीसीडब्ल्यू, दीपक नाइट्रेट, बेयर क्रॉपसाइंस के शेयरों में गिरावट आ सकती है।

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