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US-Iran War: अमेरिका-ईरान लड़ाई का कितना असर क्रूड, गोल्ड और शेयरों पर पड़ सकता है? जानिए क्या कहता है इतिहास

US-Iran War: पिछले 60 सालों में मिडिलईस्ट में बड़े टकराव को देखने पर एक क्लियर पैटर्न नजर आता है। मार्केट के लिए इस टकराव से ज्यादा अहम ग्लोबल इकोनॉमी की सेहत रही है। कई बार टकराव का ज्यादा असर ऑयल की कीमतों पर नहीं पड़ा है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Mar 05, 2026 पर 2:31 PM
US-Iran War: अमेरिका-ईरान लड़ाई का कितना असर क्रूड, गोल्ड और शेयरों पर पड़ सकता है? जानिए क्या कहता है इतिहास
28 फरवरी से शुरू अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई का असर शेयर बाजार पर पड़ा है।

US-Iran War: जब कोई युद्ध शुरू होता है तो सबसे पहले फाइनेशियल मार्केट्स पर उसका असर पड़ता है। अनिश्चितता की वजह से निवेशकों में डर देखने को मिलता है। हालांकि, पिछले 60 सालों में मिडिलईस्ट में बड़े टकराव को देखने पर एक क्लियर पैटर्न नजर आता है। मार्केट के लिए इस टकराव से ज्यादा अहम ग्लोबल इकोनॉमी की सेहत रही है। इन टकरावों के क्रूड ऑयल, गोल्ड, सिल्वर, एसएंडपी 500 और सेंसेक्स पर 1 महीने, 3 महीने, 6 महीने और 12 महीनों के असर की स्टडी से कुछ बातें पता चलती हैं।

1. 1967 की छह दिन की लड़ाई

मिस्र, जॉर्डन और सीरिया से चली छह दिन की लड़ाई में इजरायल की निर्णायक जीत हुई थी। चूंकि यह लड़ाई जल्द खत्म हो गई, जिससे ऑयल की सप्लाई पर पड़ा असर नहीं पड़ा। कीमतें सिर्फ 2 फीसदी चढ़ी। गोल्ड पर सरकार का नियंत्रण था, जिससे इसकी कीमतें 35 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहीं। अगले साल S&P500 में 10 फीसदी उछाल आया, जिसकी वजह लड़ाई के बाद इंडस्ट्रियल एक्टिविटी और कंज्यूमर स्पेंडिंग में उछाल था।

2. 1973 का योम किप्पुर युद्धऔर ओपेक का प्रतिबंध

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