US Stock Market Crash: अमेरिकी शेयर बाजार में हाहाकार! वॉल स्ट्रीट 1247 अंक क्रैश, ट्रंप के बयान से सहमे निवेशक

US Stock Market Crash: अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हवाई हमलों के बाद वॉल स्ट्रीट में भारी गिरावट आई। डॉव जोन्स 1200 अंक से ज्यादा टूट गया। ट्रंप के बयान से बाजार में घबराहट बढ़ी और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता तेज हो गई। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Mar 03, 2026 पर 9:03 PM
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पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ते ही वॉल स्ट्रीट पर चौतरफा बिकवाली शुरू हो गई।

US Stock Market Crash: अमेरिकी शेयर बाजार में मंगलवार, 3 मार्च को भारी गिरावट देखने को मिली। अमेरिका और इजरायल के विमानों ने ईरान के ठिकानों पर दोबारा हवाई हमले किए। इससे निवेशकों में घबराहट फैल गई। बाजार को डर है कि यह टकराव लंबे समय तक चल सकता है और पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है।

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ते ही वॉल स्ट्रीट पर चौतरफा बिकवाली शुरू हो गई। निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ने लगे।

प्रमुख इंडेक्स कितने गिरे


शुरुआती कारोबार में S&P 500 करीब 1.6 प्रतिशत टूट गया। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज और नैस्डैक कंपोजिट में लगभग 1.8 प्रतिशत की गिरावट आई।

भारतीय समयानुसार रात 8.53 बजे तक डॉव जोन्स 1,247 अंक यानी 2.50 प्रतिशत नीचे था। S&P 500 करीब 165 अंक यानी 2.41 प्रतिशत गिर चुका था। नैस्डैक 575 अंक से ज्यादा यानी लगभग 2.52 प्रतिशत लुढ़क गया।

यह गिरावट दिखाती है कि बाजार इस घटनाक्रम को गंभीर मान रहा है और अनिश्चितता से बचना चाहता है।

तेल में उछाल, महंगाई की चिंता

तेल की कीमतों में 8.5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई। ट्रेडर इस बात का आकलन कर रहे हैं कि पश्चिम एशिया के अहम समुद्री मार्गों पर सप्लाई रुक सकती है।

तेल महंगा होने का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है। ऐसे में निवेशकों को डर है कि पहले से मौजूद महंगाई दबाव और बढ़ सकता है।

सोना-चांदी भी फिसले

आमतौर पर तनाव के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है। लेकिन इस बार लगातार चार सत्रों की तेजी के बाद सोना 3 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। बाजार का जोखिम रुख अचानक बदलने से सोने में मुनाफावसूली देखने को मिली। वहीं, चांदी 10 प्रतिशत तक क्रैश हो गई।

ट्रंप के बयान से बढ़ी बेचैनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्थिति को और गंभीर बना दिया, जब उन्होंने जमीनी सैनिकों की तैनाती की संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने संकेत दिया कि यह संघर्ष कई हफ्तों या उससे ज्यादा समय तक चल सकता है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास लंबे समय तक कार्रवाई जारी रखने की क्षमता है। इस बयान ने अमेरिका की संभावित गहरी भागीदारी को लेकर चिंता बढ़ा दी।

अब आगे क्या होगा?

ईरान पहले ही तेल ढांचे और क्षेत्रीय ठिकानों पर हमले कर चुका है। अब बाजार ईरान के अगले कदम पर नजर रखे हुए है।

कम से कम नौ देशों ने इस बढ़ते टकराव का असर महसूस किया है। ऐसे में वैश्विक बाजार आने वाले दिनों में ज्यादा उतार चढ़ाव के लिए तैयार हो रहे हैं। निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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