UTI एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के शेयरों में 24 अप्रैल को बिकवाली का तगड़ा दबाव रहा। शेयर दिन में पिछले बंद भाव से 11.6 प्रतिशत तक नीचे आया। BSE पर कीमत 915 रुपये के लो तक गई। बाद में शेयर लगभग 8 प्रतिशत गिरावट के साथ 954 रुपये पर सेटल हुआ। सेंटिमेंट बिगड़ने की वजह है जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी की परफॉरमेंस अच्छी न होना। एक दिन पहले जारी किए गए नतीजों के मुताबिक, तिमाही के दौरान UTI AMC का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा 66.71 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले कंपनी को 87.46 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 3.8 प्रतिशत बढ़कर 390.3 करोड़ रुपये हो गया। मार्च 2025 तिमाही में रेवेन्यू 375.91 करोड़ रुपये था। मार्च 2026 तिमाही के दौरान कंपनी के खर्च 418.80 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 221.91 करोड़ रुपये के थे।
पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 1,698 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। एक साल पहले यह 1,851 करोड़ रुपये था। इस बीच शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 404.12 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में 731.49 करोड़ रुपये था।
UTI AMC देगी 40 रुपये का फाइनल डिविडेंड
वित्तीय नतीजे जारी करने के साथ ही UTI AMC के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए प्रति शेयर 40 रुपये का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। इस पर कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। इससे पहले कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 22 रुपये का स्पेशल और 26 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।
शेयर में आई गिरावट के बाद UTI AMC का मार्केट कैप घटकर 12200 करोड़ रुपये रह गया है। शेयर 6 महीनों में 30 प्रतिशत कमजोर हुआ है। कंपनी में पूरी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,494.95 रुपये और एडजस्टेड लो 897.75 रुपये है।
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