Share Market Crash: शेयर बाजार में इन 5 कारणों से भूचाल, सेंसेक्स 1000 अंक फिसला; निफ्टी 24000 से नीचे

Share Market Crash: अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत रुकने से कच्चा तेल एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। रुपये में शुक्रवार को लगातार पांचवें सत्र में गिरावट है। अन्य एशियाई बाजारों में भी शुक्रवार को गिरावट है

अपडेटेड Apr 24, 2026 पर 4:27 PM
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विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार में लगातार सेलर बने हुए हैं।

24 अप्रैल को शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन नीचे आए हैं। शुक्रवार को सेंसेक्स लाल निशान में 77,483.80 पर खुला। इसके बाद पिछली क्लोजिंग से 1260.13 अंकों तक लुढ़ककर 76,403.87 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 24,100.55 पर खुला और फिर पिछली क्लोजिंग से लगभग 359.4 अंक गिरकर 23,813.65 के लो तक गया। बाद में सेंसेक्स लगभग 1000 अंकों की गिरावट के साथ 76,664.21 पर और निफ्टी 275.10 अंकों की गिरावट के साथ 23,897.95 पर बंद हुआ।

अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत रुकने और कच्चा तेल एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने जैसे फैक्टर्स से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। इससे एक दिन पहले यानि​ कि गुरुवार को सेंसेक्स 852.49 अंक या 1.09 प्रतिशत टूटकर 77,664 पर बंद हुआ था। निफ्टी 205.05 अंक या 0.84 प्रतिशत गिरकर 24,173.05 पर बंद हुआ था। शुक्रवार को आई गिरावट के पीछे मुख्य कारण क्या हैं, आइए जानते हैं...

कच्चे तेल की कीमत


अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत रुकने से कच्चा तेल एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 105.97 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से माहौल और अनिश्चित हो गया है।

रुपये में गिरावट

रुपये में शुक्रवार को लगातार पांचवें सत्र में गिरावट है। शुरुआती कारोबार में यह 24 पैसे टूटकर 94.25 प्रति डॉलर पर आ गया। कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव कायम है।

वैश्विक बाजारों की चाल

अमेरिकी बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुए। भारत के अलावा अन्य एशियाई बाजारों में भी शुक्रवार को गिरावट है। जकार्ता कंपोजिट 3 प्रतिशत और सेट कंपोजिट 1 प्रतिशत गिरा है। शंघाई कंपोजिट और कॉस्पी में भी गिरावट है। हालांकि हालांकि निक्केई और ताइवान वेटेड हरे निशान में हैं।

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विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार में लगातार सेलर बने हुए हैं। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को उन्होंने 3,254.71 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। जियोजित इनवेस्टमेंट्स के VK विजयकुमार का कहना है कि विदेशी निवेशकों की फिर से शुरू हुई बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये में कमजोरी के साथ मिलकर, लार्ज-कैप शेयरों पर दबाव बनाए रख सकती है।

India VIX

शेयर बाजार की अस्थिरता मापने वाला India VIX 3.5 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर लगभग 19.2 पर पहुंच गया। इससे पता चलता है कि निवेशक काफी सतर्क हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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