Varun Beverages डेयरी और स्पोर्ट्स ड्रिंक्स पर बढ़ाएगी फोकस, मोतीलाल ओसवाल ने इस स्टॉक में निवेश करने की सलाह दी

VBL अपने प्लान को ध्यान में रख महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में दो प्लांट लगा रही है। उसने तीसरा प्लांट ओडिशा में लगाने का प्लान बनाया है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कंपनी की एनुअल रिपोर्ट के विश्लेषण में ये बातें बताई हैं। उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वैल्यू-एडेड डेयरी-आधारित बेवरेजेज सेगमेंट में रिटर्न ज्यादा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि ये सिंगल सर्व प्रोडक्ट्स होते हैं। इनमें बड़ी बोतल के मुकाबले प्रॉफिट मार्जिन ज्यादा होता है

अपडेटेड Jul 11, 2023 पर 2:46 PM
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डेयरी सेगमेंट को टैक्स के कम रेट्स का भी फायदा मिलता है। ऐसे प्रोडक्ट्स पर जीएसटी का रेट 12 फीसदी है। इसके मुकाबले कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स (CSD) पर 40 फीसदी रेट से टैक्स लगता है।
     
     
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    वरुण बेवरेजेज (VBL) वैल्यू-एडेड डेयरी, स्पोर्ट्स ड्रिंक्स और जूस सेगमेंट्स पर अपना फोकस बढ़ाने जा रही है। पिछले कुछ समय से कंपनी के इन प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन अच्छा रहा है। इसलिए ग्रोथ के लिए कंपनी इन प्रोडक्ट्स पर ज्यादा जोर देना चाहती है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने 10 जुलाई की अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन प्रोडक्ट्स के मार्केट में बहुत संभावनाएं हैं। लंबी अवधि में ये प्रोडक्ट्स कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार तेज कर सकते हैं। IMARC Group की हाल में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडिया में फ्लेवर्ड मिल्क के मार्केट की कंपाउंडेंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) CY23 और CY28 के बीच 25 फीसदी के साथ 15,860 करोड़ रुपये पहुंच जाने की उम्मीद है।

    डेयरी आधारित पेय पदार्थों की मांग बढ़ रही

    वीबीएल ने देखा है कि डेयरी आधारित पेय पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह यह है कि स्वास्थ्य को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। इसलिए अब लोग कार्बोनेटेड ड्रिंक्स की जगह उनके हेल्दी अल्टरनेटिव्स का इस्तेमाल करना चाहते हैं। वरुण बेवरेजेज 'क्रीम बेल' (Cream Bell) नाम से अपने प्रोडक्ट्स बेचती है। उसने कुछ समय पहले इसी ब्रांड नाम से वैल्यू-एडेड डेयरी सेगमेंटके प्रोडक्ट्स पेश किए थे। इन्हें ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। इसलिए कंपनी कैलेंडर ईयर 2023 के अंत तक इस सेगमेंट में अपनी कैपेसिट बढ़ाकर तिगुना करना चाहती है। कंपनी अगले साल के अंत तक पूरे देश में वैल्यू-एडेड डेयरी आधारित प्रोडक्ट्स पेश करना चाहती है।


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    कंपनी दो नए प्लांट्स लगा रही

    VBL अपने प्लान को ध्यान में रख महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में दो प्लांट लगा रही है। उसने तीसरा प्लांट ओडिशा में लगाने का प्लान बनाया है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कंपनी की एनुअल रिपोर्ट के विश्लेषण में ये बातें बताई हैं। उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वैल्यू-एडेड डेयरी-आधारित बेवरेजेज सेगमेंट में रिटर्न ज्यादा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि ये सिंगल सर्व प्रोडक्ट्स होते हैं। इनमें बड़ी बोतल के मुकाबले प्रॉफिट मार्जिन ज्यादा होता है।

    डेयरी प्रोडक्ट्स पर कम टैक्स

    डेयरी सेगमेंट को टैक्स के कम रेट्स का भी फायदा मिलता है। ऐसे प्रोडक्ट्स पर जीएसटी का रेट 12 फीसदी है। इसके मुकाबले कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स (CSD) पर 40 फीसदी रेट से टैक्स लगता है। वीबीएल स्पोर्ट्स ड्रिंक्स मार्केट में भी अपनी पैठ बनाना चाहती है। वह Gatorade नाम से इस सेगमेंट में प्रोडक्ट्स बेचती है। 2028 तक इंडिया में एनर्जी और स्पोर्ट्स ड्रिंक मार्केट की CAGR 14 फीसदी रहने का अनुमान है। मोतीलाल ओसवाल ने यह भी कहा है कि वीबीएल ने फ्रूट आधारित जूस मार्केट में भी अच्छी पैठ बनाई है। वह Tropicana के नाम से अपने प्रोडक्ट बेचती है।

    मोतीलाल ने दी स्टॉक खरीदने की सलाह

    VBL को इस बात का भरोसा है कि उसके एनर्जी ड्रिंक की ग्रोथ काफी अच्छी बनी रहेगी। कंपनी ने भविष्य में ज्यादा आउटलेट्स के जरिए ज्यादा ग्राहकों तक अपनी पहुंच बनाने का प्लान बनाया है। मोतीलाल ओसवाल ने VBL के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। उसने इसके शेयर के लिए 940 रुपये का टारगेट दिया है। वीबीएल पेप्सिको की बॉटलर है। इसका मतलब है कि उसे पेप्सिको के प्रोड्क्ट्स इंडिया में बनाने और बेचने का राइट्स हासिल है।

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