माइनिंग कंपनी वेदांता ने हिंदुस्तान जिंक में अपनी हिस्सेदारी हल्की कर रही है। मंगलवार 13 अगस्त को इसने ऐलान किया कि यह हिंदुस्तान जिंक के 11 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बिक्री करेगी। यह कंपनी की 2.6 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। इसका दोनों के शेयरों पर मिला-जुला रुझान दिख रहा है। वेदांता के शेयरों की बिकवाली हो रही है तो दूसरी तरफ हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में खरीदारी का रुझान है। फिलहाल BSE पर वेदांता के शेयर 0.82 फीसदी की गिरावट के साथ 419.25 रुपये (Vedanta Share Price) और हिंदुस्तान जिंक के शेयर 2.81 फीसदी की बढ़त के साथ 596.85 रुपये (Hindustan Zinc Share Price) पर हैं।
Vedanta किस भाव पर बेच रही Hindustan Zinc के शेयर
वेदांता ऑफर फॉर सेल के तहत हिंदुस्तान जिंक के 11 करोड़ शेयर बेचेगी। मौजूदा भाव के हिसाब से हिंदुस्तान का ऑफर फॉर सेल 6400 करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। हालांकि अभी ऑफर फॉर सेल की डेट और प्राइस के बारे में खुलासा नहीं हुआ है। वेदांता की अभी हिंदुस्तान जिंक में 64.92 फीसदी हिस्सेदारी है। इसमें सरकार की हिस्सेदारी 29.54 फीसदी है जबकि एलआईसी की 2.76 फीसदी है। म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी इसमें महज 0.06 फीसदी है।
शेयर बेचने से मिलेगा क्या होगा फायदा?
ऑफर फॉर सेल के तहत वेदांता अपनी हिस्सेदारी हल्की करेगी। इससे उसे नगदी मिलेगी जिससे इसके बैलेंस शीट को मजबूती मिलेगी और कैपिचल एक्सपेंडिचर के लिए फंड का प्रबंध हो जाएगा या डिविडेंड भी बांट सकेगी। वहीं हिंदुस्तान जिंक की बात करें ऑफर फॉर सेल से इसका फ्री फ्लोट बढ़ेगा। अभी यह 2.5 फीसदी लेकिन वेदांता के ऑफर फॉर सेल इश्यू के बाद यह उछलकर 5 फीसदी के पार पहुंच जाएगा। ब्रोकरेज फर्म फिलिपकैपिटल के मुताबिक ऑफर फॉर सेल के पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और डिविडेंड बांटने में किया जा सकता है। वेदांता पर 120 करोड़ डॉलर और वेदांता रिसोर्सेज पर 100 करोड़ डॉलर का कर्ज है। ब्रोकरेज के मुताबिक ऑफर फॉर सेल से वेदांता के शेयरों पर 4-5 फीसदी का पॉजिटिव असर पड़ेगा।