वेदांता लिमिटेड के डीमर्जर के बाद बनी चारों कंपनियों के शेयर 1 जुलाई को रॉकेट बन गए। वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता आयरन एंड स्टील, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता पावर में से सबसे ज्यादा तेजी वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयरों में दिखी। इसकी वजह यह है कि चारों कंपनियों के शेयर बुधवार को ट्रेड-टू-ट्रेड सेगमेंट से बाहर आ गए। ये चारों शेयर स्टॉक एक्सचेंजों में 15 जून को लिस्ट हुए थे। पहले 10 कारोबारी दिनों के लिए इन्हें टी2टी सेगमेंट में डाला गया था।
टी2टी सेगमेंट के शेयरों पर लागू होती हैं ये शर्तें
T2T सेगमेंट में शामिल शेयरों में हर ट्रांजेक्शन पर डिलीवरी जरूरी होती है। इन शेयरों में इंट्रा-डे बाइंग और सेलिंग की इजाजत नहीं होती है। शेयर की कीमत चढ़ने या उतरने की स्थिति में 5 फीसदी पर ही सर्किट लग जाता है। इन चारों शेयरों के 1 जुलाई को टी2टी सेगमेंट से बाहर आने के बात ये बंदिशें खत्म हो गई हैं। इन शेयरों में इंट्रा-डे ट्रेडिंग भी हो सकेगी। इससे इनमें लिक्विडिटी बढ़ेगी। साथ ही कीमतों में उतार-चढ़ाव भी दिखेगा।
वेदांता ऑयल के शेयरों में 20 फीसदी तक उछाल
2:15 बजे Vedanta Oil & Gas का शेयर 19.98 फीसदी चढ़कर 38.68 रुपये पर चल रहा था। वेदांता पावर का शेयर 11.30 फीसदी के उछाल के 45 रुपये पर चल रहा था। वेदांता आयरन का शेयर 9.98 फीसदी की तेजी के साथ 38.78 रुपये पर था। वेदांता एल्युमीनियम का शेयर 2.60 फीसदी चढ़कर 460.10 रुपये पर चल रहा था। शेयर बाजारों में 1 जुलाई को अच्छी तेजी दिखी। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों में करीब 0.70 फीसदी की मजबूती थी।
कंपनी विदेशी कंपनियों से कर रही पार्टनरशिप
ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल ने वेदांता ऑयल एंड गैस के बारे में कहा है कि कंपनी ने एंड-टू-एंड आउटसोर्सिंग एप्रोच के इस्तेमाल का प्लान बनाया है। इसके लिए वह ग्लोबल लेवल की सीजमिक, सबसर्फेस इवोल्यूशन, ड्रिलिंग और फील्ड डेवलपमेंट के लिए पार्टनरशिप कर रही है। इससे कंपनी को अपनी क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे एफिशियंसी बढ़ेगी, जिसका पॉजिटिव असर वॉल्यूम ग्रोथ पर पड़ेगा।
टॉप 3 प्राइवेट कंपनियों में आने का लक्ष्य
ब्रोकरेज फर्म ने वेदांता पावर के बारे में कहा है कि कंपनी स्थापित क्षमता के लिहाज से भारत के टॉप पांच प्राइवेट बिजली उत्पादक कंपनियों में शामिल है। कंपनी FY33 तक टॉप 3 प्राइवेट बिजली उत्पादक कंपनियों में अपनी जगह बनाना चाहती है। कंपनी कोयला आधारित अपनी क्षमता 4.2GW से बढ़ाकर इस वित्त वर्ष के अंत तक 4.8GW करना चाहती है।
वेदांता ऑयल का भी बड़ा प्लान
ब्रोकरेज फर्म यस सिक्योरिटीज ने वेदांता ऑयल एंड गैस के बारे में कहा कि मैनेजमेंट ने अपनी उत्पादन क्षमता में बड़ी वृद्धि करने के प्लान के बारे में बताया है। कंपनी के प्रमुख फोकस एरिया में राजस्थान नॉर्थ में एएसपी का डेप्लॉयमेंट, राजस्थान साऊथ में डीप गैस डेवलपमेंट और केजी बेसिन में डीपवाटर शामिल हैं। इससे पोर्टफोलियो की लंबी अवधि की ग्रोथ में मदद मिलेगी।
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