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Vedanta के शेयरों में मौका! CLSA ने दी 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग, स्टॉक में आ सकती 14% की और तेजी

Vedanta Share Price: वेदांता के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबरी है। CLSA ने अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली इस माइनिंग कंपनी को 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग दी है और 14% की और तेजी का अनुमान जताया है। यह तेजी Vedanta के हालिया कदमों और बैलेंस शीट को मजबूत करने के प्रयासों के कारण दिख रही है।

Vikrant singhअपडेटेड Aug 22, 2024 पर 11:20 AM
Vedanta के शेयरों में मौका! CLSA ने दी 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग, स्टॉक में आ सकती 14% की और तेजी
Vedanta Share Price: वेदांता ने हिंदुस्तान जिंक में 3.2 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया है

Vedanta Share Price: वेदांता के शेयरों में हिंदुस्तान जिंक में 3.2 फीसदी हिस्सेदारी बेचे जाने के ऐलान के बाद से ही तेजी देखी जा रही है। पिछले 4 दिनों में इसका शेयर 8 प्रतिशत से भी अधिक बढ़ चुका है। अब विदेशी ब्रोकरेज फर्म 'सीएलएसए (CLSA)' के एनालिस्ट्स भी इस स्टॉक को लेकर बुलिश हो गए हैं। उन्होंने कंपनी के बैलेंस-शीट के मजबूत होने की उम्मीदों के बीच इसके शेयर को आउटपरफॉर्म' रेटिंग दी है और इसके लिए 520 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह कंपनी के शेयरों में मौजूदा स्तर से 14 प्रतिशत की और तेजी का संकेत देता है।

CLSA ने कहा कि हिंदुस्तान जिंक में हिस्सेदारी बिक्री और अंतरिम डिविडेंड जैसे हालिया कदम वेदांता के कर्ज को कम करने की कोशिशों का हिस्सा है। अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली इस माइनिंग कंपनी ने हाल ही में हिंदुस्तान जिंक में 1.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 5,100 करोड़ रुपये की रकम जुटाई है। इससे उसकी कंपनी कंपनी में कुल हिस्सेदारी घटकर 63.42% हो गई है। इसके अलावा, बचे हुए 1.7% हिस्से की बिक्री भी जल्द की जाएगी।

Vedanta इस पैसे का इस्तेमाल अपने कर्ज को कम करने और नए प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए करेगी। इसके अलावा, कंपनी ने 8,500 करोड़ के क्वालिफाइड इंस्टिट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च करने की भी योजना बनाई है, जिससे कर्ज का बोझ और घटने की उम्मीद है।

इसी बीच, हिंदुस्तान जिंक ने अपना अब तक का सबसे बड़ा अंतरिम डिविडेंड 19 रुपये प्रति शेयर घोषित किया है, जो मार्च 2023 के बाद सबसे ज्यादा है। यह डिविडेंड भी कंपनी के फाइनेंशियल्स को मजबूत करने में मदद करेगा। सीएलएसए का मानना ​​है कि वेदांता की स्टॉक की री-रेटिंग की जा सकती है, क्योंकि एल्युमीनियम और जिंक का मौजूदा बाजार भान उसके स्पॉट प्राइस से कम हैं। मजबूत कमोडिटी साइकल और मार्जिन में विस्तार वाले प्रोजेक्ट्स से आगे और तेजी आने की उम्मीद है।

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