Vedanta का शॉक, डीमर्जर से एडजस्टमेंट के बाद 7% और टूटे शेयर, अब क्या करें?

Vedanta Shares: अनिल अग्रवाल की दिग्गज माइनिंग कंपनी वेदांता के शेयर आज करीब 65% टूट गए। इतनी बड़ी गिरावट की वजह इसका डीमर्जर है। हालांकि डीमर्जर से एडजस्ट होने के बाद जिस भाव पर यह खुला था, उससे भी यह 7% से अधिक टूट गया। जानिए कि क्या यह खरीदारी का मौका है और एक्सपर्ट्स का इसे लेकर क्या कहना है

अपडेटेड Apr 30, 2026 पर 4:20 PM
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मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक Vedanta के डीमर्जर के चलते पांच कंपनियां बनेंगी, जिससे वैल्यूएशन को समझना आसान होगा और निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ सकती है।

Vedanta Share Price: कमजोर मार्केट सेंटीमेंट में वेदांता के शेयरों ने आज तगड़ा गोता लगाया। हालांकि आज इसके शेयरों की गिरावट के दो पहलू हैं, एक तो ये कि जो भारी-भरकम गिरावट दिख रही है, उसकी मुख्य वजह डीमर्जर है, जिसके चलते यह 62% से अधिक की गिरावट के साथ खुला। वहीं दूसरा पहलू ये है कि कमजोर मार्केट सेंटीमेंट ने वेदांता के शेयरों पर दबाव बनाया, जिससे डीमर्जर से एडजस्ट होने के बाद यह और नीचे आया। आज बीएसई पर यह ₹271.60 के भाव पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में टूटकर यह ₹268.70 तक आ गया था, जोकि एक कारोबारी दिन के क्लोजिंग प्राइस ₹773.25 से 65.25% नीचे है और आज को ओपनिंग प्राइस ₹290.50 से 7.50% नीचे।

डीमर्जर पर क्यों टूटा वेदांता का शेयर?

वेदांता के शेयरों की गिरावट का बड़ा हिस्सा मुख्य रूप से डिमर्जर के चलते प्राइस एडजस्टमेंट है। यह गिरावट इसलिए आई क्योंकि निवेशक कंपनी के चार प्रमुख बिजनेस-एलुमिनियम, पावर, ऑयल & गैस और स्टील-को अलग-अलग कंपनियों में बांटने के बाद बचे हुए हिस्से के रूप में इसके बदलाव पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अब वेदांता का जो शेयर प्राइस है, वह इसके बचे हुए बिजनेस की वैल्यू है, जिसमें मुख्य हिस्सेदारी हिंदुस्तान जिंक की है।


वेदांता के डीमर्जर के चलते पांच कंपनियां बनेंगी, जिससे वैल्यूएशन को समझना आसान होगा और निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ सकती है। फिलहाल इसके शेयरों में जो उतार-चढ़ाव दिख रहा है, वह टेक्निकल एडजस्टमेंट्स और रिकॉर्ड डेट से पहले आई तेजी के बाद मुनाफावसूली का असर है। हालांकि ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि समय के साथ इस डीमर्जर के फायदे सामने आएंगे।

क्या है Vedanta पर ब्रोकरेजेज का रुझान?

ब्रोकरेज फर्म्स वेदांता की रीस्ट्रक्चरिंग को लेकर पॉजिटिव हैं और उनका मानना है कि मीडियम टर्म में वैल्यू अनलॉकिंग की संभावना है। ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज के मुताबिक यह डीमर्जर “प्योर-प्ले ट्रांजिशन” को दिखाता है जिससे अलग-अलग बिजनेस में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ेगी और बेहतर कैपिटल एलोकेशन के चलते री-रेटिंग हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि एलुमिनियम और जिंक मिलकर कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा देते हैं और डिमर्जर के बाद एलुमिनियम और पावर बिजनेस में अच्छी ग्रोथ की संभावना है।

एनालिस्ट्स के मुताबिक खास बात यह है कि बैलेंस शीट डिसिप्लिन के हिसाब से डीमर्जर किया गया है, जिसमें कर्ज को अलग-अलग बिजनेस के कैश फ्लो के अनुसार बांटा गया है। ऑयल एंड गैस और आयरन एंड स्टील बिजनेस लगभग कर्ज-मुक्त रहने की उम्मीद है, जबकि अन्य सेगमेंट में कर्ज उनकी कमाई की क्षमता के हिसाब से रहेगा।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का कहना है कि कंपनी ने अलग-अलग एंटीटीज में कर्ज को बैलेंस्ड तरीके से बांटा है और उम्मीद जताई है कि डीमर्जर के बाद चार और कंपनियां जून तक लिस्ट हो जाएंगी। फिलहाल वेदांता के लिए ब्रोकरेज फर्म ने शेयरों का टारगेट प्राइस ₹336 पर फिक्स किया है।

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