Vedanta का शेयर रिकॉर्ड हाई पर, डीमर्जर के प्रस्ताव को मंजूरी पर कोटक ने दो महीने में दूसरी बार किया अपग्रेड

Vedanta: डीमर्जर के प्रस्ताव को एनसीएलटी की मंजूरी के बाद कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने वेदांता को दो महीने में दूसरी बार अपग्रेड कर दिया और टारगेट प्राइस बढ़ा दिया जिस पर शेयर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए। हालांकि इसके अलावा भी और वजहें हैं जिसके चलते ब्रोकरेज फर्म इस पर बुलिश है, जानिए क्या और इसके शेयरों के लिए अब टारगेट प्राइस क्या है?

अपडेटेड Dec 17, 2025 पर 4:53 PM

Vedanta Share Price: घरेलू ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने दिग्गज कारोबारी अनिल अग्रवाल की माइनिंग कंपनी वेदांता की रेटिंग को अपग्रेड कर दी है। दो महीने में यह दूसरी बार है, जब कंपनी ने इसकी रेटिंग अपग्रेड की है। इस बार ब्रोकरेज फर्म वेदांता की डीमर्जर योजना को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मंजूरी पर बुलिश रुझान अपनाया है। इसका असर आज वेदांता के शेयरों पर भी दिखा और यह डेढ़ फीसदी से अधिक उछलकर एक साल के नए हाई पर पहुंच गए। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे भाव नरम पड़े लेकिन अब भी यह ग्रीन जोन में है। आज बीएसई पर यह 0.11% की बढ़त के साथ ₹570.00 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 1.86% चढ़कर ₹579.95 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था।

अब क्या है Vedanta का टारगेट प्राइस?

घरेलू ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने वेदांता की रेटिंग को अपग्रेड कर ऐड से खरीदारी कर दी है। इससे पहले नवंबर महीने में ब्रोकरेज फर्म ने इसकी रेटिंग को रिड्यूस से बढ़ाकर ऐड की थी। टारगेट प्राइस की बात करें तो ब्रोकरेज फर्म ने इसका टारगेट प्राइस भी बढ़ाकर ₹550 से ₹650 कर दिया है। वहीं बुल केस में तो कोटक ने ₹770 का टारगेट प्राइस फिक्स किया है।


Vedanta Demerger को NCLT की मंजूरी से Kotak हुआ और बुलिश

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने वेदांता की डीमर्जर योजना को मंजूरी दे दी है। इसे लेकर ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का कहना है कि लंबे समय से जिस प्रस्ताव को मंजूरी का इंतजार किया जा रहा था, आखिर उस पर एनसीएलटी की मुहर लग ही गई। अब ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इस वित्त वर्ष 2026 के आखिरी तक वेदांता के डीमर्जर का काम पूरा हो सकता है।

और भी वजह हैं बुलिश रुझान के

सिर्फ डीमर्जर ही नहीं बल्कि वेदांता पर बुलिश रुझान के लिए कोटक ने और भी वजहें भी गिनाई हैं। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कमोडिटी की कीमतों में उछाल के चलते वित्त वर्ष 2026-2027 में एल्युमीनियम और पावर सेक्टर में कई ग्रोथ प्रोजेक्ट्स के चालू होने से वेदांता को काफी फायदा हो रहा है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि वित्त वर्ष 2025-28 के बीच कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना 17% की चक्रवृद्धि रफ्तार (CAGR) और प्रति शेयर कमाई (EPS) 24% की रफ्तार (CAGR) से बढ़ सकता है। इसे हाई वॉल्यूम औप कमोडिटी की मजबूत कीमतों से सपोर्ट मिलेगा। साथ ही ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इसकी पैरेंट कंपनी वेदांता रिसोर्सेज के कर्ज से जुड़ी चिंता भी काफी हद तक कम हो गई है

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

वेदांता के शेयर 7 अप्रैल 2025 को ₹362.20 पर थे जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से यह आठ ही महीने में 60.12% उछलकर 17 दिसंबर 2025 को ₹579.95 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। अब आगे की बात करें तो इसे कवर करने वाले 14 एनालिस्ट्स में से 10 ने इसे खरीदारी और 4 ने होल्ड रेटिंग दी है। किसी भी एनालिस्ट ने इसे बेचने की सलाह नहीं दी है।

Vedanta demerger: वेदांता के डिमर्जर प्लान पर NCLT की मुहर

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