अनिल अग्रवाल की माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड के शेयरों में 14 जनवरी को तेजी है। BSE पर शेयर बढ़त में खुलने के बाद 6.6 प्रतिशत चढ़कर ₹679.40 के हाई तक गया। यह शेयर का 52 सप्ताह का नया उच्च स्तर है। बाद में शेयर 6 प्रतिशत बढ़त के साथ 675.70 रुपये पर सेटल हुआ। तेजी की एक वजह यह है कि इसे ब्रोकरेज फर्म नुवामा से अपना सबसे हाई टारगेट मिला है। नुवामा ने वेदांता पर अपनी "बाय" रेटिंग बरकरार रखते हुए प्राइस टारगेट को पहले के ₹686 से 18% बढ़ाकर ₹806 कर दिया है। वेदांता के शेयर को 14 एनालिस्ट कवर करते हैं और सबसे हाई टारगेट नुवामा का है।
नया टारगेट प्राइस शेयर के पिछले बंद भाव से 19 प्रतिशत ज्यादा है। नुवामा ने अपने नोट में लिखा है कि वेदांता 5 अलग-अलग एंटिटीज में डीमर्जर के लिए कानूनी मंजूरी पाने के आखिरी चरण में है। इससे शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक होगी। कमोडिटी की मजबूत कीमतें, लागत में कमी, और वॉल्यूम ग्रोथ से निवेशकों के निवेश का नजरिया और मजबूत होता है। NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल) की मुंबई बेंच ने वेदांता के डीमर्जर को 9 जनवरी 2026 को मंजूरी दे दी।
ब्रोकरेज ने वेदांता के लिए वित्त वर्ष 2027 के लिए EBITDA अनुमान को 17% और वित्त वर्ष 2028 के लिए 8% बढ़ा दिया है। नुवामा के नोट में कहा गया है कि कमोडिटी की ऊंची कीमतें वेदांता के EBITDA को वित्त वर्ष 2025-2028 के दौरान 20% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ने में मदद करेंगी।
Vedanta का शेयर एक साल में 57 प्रतिशत मजबूत
वेदांता का मार्केट कैप ₹2.64 लाख करोड़ से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है। शेयर एक साल में 57% और एक महीने में 24% मजबूत हुआ है। 2 साल में कीमत करीब 150% चढ़ी है। कंपनी में सितंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 56.38 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर को ट्रैक करने वाले 14 एनालिस्ट में से 10 ने "बाय" रेटिंग दी है। बाकी 4 ने "होल्ड" की सिफारिश की है।
जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में वेदांता का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 37.9% घटकर ₹3479 करोड़ रह गया। एक साल पहले मुनाफा ₹5603 करोड़ था। कुल इनकम ₹40464 करोड़ हो गई, जो सितंबर 2024 तिमाही में ₹38934 करोड़ थी। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू ₹74295 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹17928 करोड़ रहा था।
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