Vijay Kedia का मार्केट में कमाई का मंत्र: दिग्गज इन्वेस्टर ने समझाया मोटा पैसा बनाने का 'एक लाइन' का ये फॉर्मूला

Vijay Kedia Stock Market Investment Tips: विजय केडिया ने बताया हैं कि भले ही समय के साथ एसेट क्लास, निवेश की थीम और बाजार की कहानियां बदल जाएं, लेकिन बाजार का लॉंग टर्म में पैटर्न हमेशा एक जैसा रहता है। जो निवेशक इस चक्र को समझ लेते हैं, वे अगली बड़ी कमाई का मौका पकड़ने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं

अपडेटेड Jun 27, 2026 पर 3:46 PM
अपनी पोस्ट में विजय केडिया ने किसी भी बड़े एसेट क्लास के सफर को सिर्फ एक लाइन में समेट दिया है

Vijay Kedia Investment Tips: शेयर बाजार में हर निवेशक अमीर बनना चाहता है, लेकिन ज्यादातर लोग तब पैसा लगाते हैं जब मार्केट अपने हाई लेवल पर होता है और गिरावट आते ही डरकर बाहर निकल जाते हैं। इसी उलझन को दूर करने के लिए दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने निवेशकों को मार्केट साइकिल का एक बेहद जरूरी और टाइमलेस मंत्र दिया है। उन्होंने समझाया है कि वित्तीय बाजार कभी भी एक सीधी रेखा में नहीं चलता, बल्कि यह हमेशा रोटेशन में घूमता है।

26 जून 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर किए गए एक पोस्ट में विजय केडिया ने बताया कि भले ही समय के साथ एसेट क्लास, निवेश की थीम और बाजार की कहानियां बदल जाएं, लेकिन लॉंग टर्म में बाजार का पैटर्न हमेशा एक जैसा रहता है। जो निवेशक इस चक्र को समझ लेते हैं, वे अगली बड़ी कमाई का मौका पकड़ने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

विजय केडिया ने किसी भी बड़े एसेट क्लास के सफर को सिर्फ एक लाइन में समेट दिया है:


'Opportunity > Optimism > Narrative > Euphoria > Correction > New Opportunity'

आसान भाषा में इस साइकिल का मतलब:

Opportunity (मौका): सबसे पहले एक सही मौका आता है, जिसे देखकर शुरुआती निवेशक बाजार में एंट्री लेते हैं।

Optimism (उम्मीद/सकारात्मकता): यह वो समय है जब धीरे-धीरे बाजार में उम्मीद बढ़ती है।

Narrative (कहानी/चर्चा): इसके बाद उस इन्वेस्टमेंट थीम को लेकर चारों तरफ एक मजबूत नैरेटिव या कहानियां बनने लगती हैं और लोग आकर्षित होते हैं।

Euphoria (उत्साह/उन्माद): इसके बाद भारी पार्टिसिपेशन के कारण बाजार में अंधाधुंध उत्साह का माहौल बन जाता है, जिससे एसेट्स की कीमतें बहुत महंगी हो जाती हैं।

Correction (गिरावट): जब कीमतें हद से ज्यादा बढ़ जाती हैं, तो मार्केट में एक बड़ा करेक्शन आता है।

New Opportunity (नया मौका): विजय केडिया कहते हैं कि यही करेक्शन बहुत ही शांति से अगली कमाई का नया मौका तैयार करता है।

कोविड के बाद कैसे घूमा बाजार का पहिया?

विजय केडिया ने अपनी बात को समझाने के लिए कोरोना महामारी के बाद साल 2020 से 2026 के दौर का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि महामारी के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी आई और 2021 से सितंबर 2024 के बीच भारत दुनिया के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बाजारों में शामिल हो गया, जहां कई शेयरों ने मल्टीबैगर रिटर्न दिए।

केडिया ने लिखा, 'यह नैरेटिव बिल्कुल सच था कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। लेकिन जैसे-जैसे शेयरों के वैल्यूएशन महंगे होते गए, निवेशकों का आशावाद धीरे-धीरे यूफोरिया में बदल गया और यहां निवेशकों को अपने रिटर्न की उम्मीदों को थोड़ा कम करने की जरूरत थी।' इसके बाद बाजार की लीडरशिप सिर्फ शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि दूसरे एसेट क्लास की तरफ शिफ्ट हो गई।

शेयर बाजार से निकलकर कहां-कहां घूमा पैसा?

केडिया के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में मार्केट लीडरशिप कई बार बदली है:

रियल एस्टेट: इक्विटी मार्केट के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में तगड़ी तेजी देखने को मिली।

क्रिप्टोकरेंसी: इसके बाद डिजिटल गोल्ड और नए फाइनेंशियल सिस्टम के नैरेटिव के दम पर क्रिप्टो लोगों का पसंदीदा बन गया, जिसमें भारी उतार-चढ़ाव से पहले रिटेल निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया।

गोल्ड और सिल्वर: सुरक्षित निवेश के रूप में सोने में तेजी आई, जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिफिकेशन की मांग के चलते चांदी में और भी ज्यादा जोरदार रैली दिखी।

इंडस्ट्रियल मेटल्स: इन्फ्रास्ट्रक्चर और AI की मांग के कारण कॉपर, एल्युमिनियम और जिंक जैसे मेटल्स को फायदा हुआ, जो अब थोड़े नरम पड़ रहे हैं।

AI रिवॉल्यूशन: इसके बाद एआई क्रांति ने टेक कंपनियों, सेमीकंडक्टर निर्माताओं और अमेरिका, ताइवान, दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों की तरफ ध्यान खींचा। लेकिन केडिया का मानना है कि यह लीडरशिप भी हमेशा नहीं रहेगी और एक दिन इसका चक्र भी बदलेगा।

निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सबक

विजय केडिया ने अपने मैसेज के अंत में लिखा, 'अलग-अलग एसेट क्लास, अलग-अलग नैरेटिव, अलग-अलग साइकिल, लेकिन पैटर्न हमेशा एक।'

रिटेल निवेशकों को क्या करना चाहिए?

उनका मानना है कि सफल निवेशक बनने के लिए कभी भी सिर्फ हेडलाइंस या बाजार में चल रहे नैरेटिव को देखकर पैसा न लगाएं। कोई भी एसेट क्लास हमेशा के लिए मार्केट का फेवरेट नहीं रह सकता। निवेश करने से पहले हमेशा वैल्यूएशन, कंपनी के फंडामेंटल्स पर ध्यान दें और यह देखें कि वह एसेट अपने मार्केट साइकिल में इस वक्त कहां खड़ा है। जब बाजार में हर तरफ अंधाधुंध उत्साह हो तो सतर्क रहें, और जब बड़ी गिरावट आए तो घबराने के बजाय समझदारी से नया मौका तलाशें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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