इस साल सेंसेक्स (Sensex) अभी तक करीब 5,500 अंक गिर चुका है। जाने-माने निवेशक विजय केडिया (Vijay Kedia) ने इस गिरावट के पीछे शेयर ट्रेडिंग को खेल बना लेने के ट्रेंड को जिम्मेदार ठहराया है। केडिया ने इकनॉमिक टाइम्स के साथ बातचीत में कहा, "आज सभी के हाथ में जुआ खेलने की डिवाइस (मोबाइल) है, जिसके चलते बाजार क्रैश हो रहा है। मोबाइल फोन के चलते दुनिया में करीब 95 फीसदी लोग वैध जुआरी हो गए हैं, जिसमें सबसे अधिक संख्या अमेरिका में है। यह एक तरह से पोकर या तीन पत्ती खेलना हो गया है।"
विजय केडिया को शेयर बाजार में वैल्यू स्टॉक को शुरुआती स्तर पर चुनने के लिए जाना जाता है। केडिया ने कहा कि पिछले दो सालों से पिछले दो साल में करोड़ों नए वैध जुआरी बाजार में शामिल हुए हैं। उन्होंने इकनॉमिक टाइम्स को बताया, "ट्रेडिंग ऐप कैशीनो बन गए हैं। यहां तक कि कॉलेज जाने वाले लड़के और हाउसवाइफ भी आज टेक्निकल्स के बारे में बात कर रहे हैं। वे ट्रेडिंग कोर्स कर रहे हैं और चार्ट की तरफ देख रहे हैं, लेकिन कोई भी फंडामेंटल के बारे में बात नहीं कर रहा है। यह एक तरह से ड्रग जैसा है।"
विजय केडिया ने यह भी कहा कि SEBI को नए और छोटे निवेशकों को फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग करने से रोकने के लिए कदम उठाना चाहिए। विजय केडिया ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों के दौरान उनकी मुलाकात एयरपोर्ट पर तैनात एक CISF के जवान से हुई, जिसके फ्यूचर और ऑप्शन में ट्रेडिंग से 15 लाख रुपये डूब गए। वहीं एक स्कूल टीचर की इसी तरीके से 42 लाख रुपये डूब गए।
केडिया ने कहा, "शेयर बाजार को लेकर आपकी जैसी धारणा रहेगी, वैसे ही आपको रिटर्न भी मिलेगा। अगर आप इसे जुआ के तौर पर लेते हैं, तो यह आपके लिए जुआ ही साबिक होगा। यह मार्केट क्रैश इसी का नतीजा है। हम खुश है कि 10 करोड़ डीमैट अकाउंट खुले हैं, लेकिन हम ये नहीं देख रहे हैं कि इसमें से 9.5 करोड़ ट्रेडिंग अकाउंट है, जो रोजाना खरीद और बेच रहे हैं। पैसा बनाना लोगों को आसान लगने लगा है। लोग ऐसे व्यवहार कर रहे हैं, जैसे स्टॉक मार्केट में बहुत सारा पैसा छुपा हुआ है और वे इस पैसे को निकालकर अपने घर ले जा सकते हैं।"
केडिया ने यह भी कहा कि बुल मार्केट में बिगनर्स (नौसिखिया) भी रातोंरात जीनियस, सलाहकार, चार्ट के ज्ञाता और अर्थशास्त्री बन जाते हैं। लेकिन बीयर मार्केट में जीनियस, सलाहकार, चार्ट के ज्ञाता और अर्थशास्त्री भी बिगनर्स बन जाते हैं।
उन्होंने कहा, "करीब 95 फीसदी लोग आंख मूंद कर पैसा लगा रहे हैं। उन्हें फंडामेंटल्स के बारे में कोई जानकारी नहीं है। नए लोग बच्चों की तरह आते हैं और 1-2 ट्रेड के बाद वे खुद को एनालिस्ट मानने लगते हैं।" उन्होंने आगे भी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद जताई और कहा कि अगले बुल मार्केट की अगुआई वे शेयर करेंगे, जिनकी पिछली बार भागीदारी नहीं रही थी।