VIP इंडस्ट्रीज अच्छी प्लैनिंग और स्ट्रैटेजी से बन सकती है MNC, कंपनी में सिर्फ मैनेजमेंट स्तर की दिक्कतें - दिलीप पिरामल

VIP इंडस्ट्रीज के चेयरमैन दिलीप पीरामल ने कहा कि कंपनी का प्रदर्शन लगातार कमजोर हो रहा है। नई पीढ़ी को भी कारोबार में रुचि नहीं होने से निवेशकों के हित में हिस्सा बेचने का फैसला लिया गया है। साथ ही उन्होने कहा की अच्छे प्लानिंग से कंपनी MNC बनने की क्षमता है। पिछले 5 सालों से कंपनी का प्रदर्शन ठीक नहीं है

अपडेटेड Jul 14, 2025 पर 3:20 PM
दिलीप पीरामल ने कहा कि भारत एकमात्र ऐसा बाजार है जहां लगेज सेगमेंट में MNC कंपनियां लीडिंग पोजीशन में नहीं हैं। वीआईपी लंबे समय मार्केट लीडर रहा है

VIP Industries Shares Price : VIP इंडस्ट्रीज में आज करीब पांच फीसदी की तेजी देखने को मिली है। दरअसल कंपनी के प्रोमोटर्स कंट्रोलिंग हिस्सेदारी प्राइवेट इक्विटी फर्म और कुछ बड़े निवेशकों को बेचने का करार किया है। मौजूदा प्रोमोटर दिलीप पिरामल हिस्सा बेच रहे हैं। प्रोमोटर ग्रुप की 7 कंपनियां हिस्सेदारी बेच रही हैं। नए निवेशकों को मैनेजमेंट कंट्रोल मिलेगा। दिलीप पिरामल चेयरमैन एमिरेट्स बनें रहेंगे। इस डील के तहत 388 रुपए प्रति शेयर के भाव पर 32 फीसदी हिस्सेदारी बेची जाएगी। यह डील 1763 करोड़ रुपए की है।

इस मुद्दे पर CNBC आवाज़ से हुई खास बातचीत में कंपनी के चेयरमैन दिलीप पीरामल ने कहा कि कंपनी का प्रदर्शन लगातार कमजोर हो रहा है। नई पीढ़ी को भी कारोबार में रुचि नहीं होने से निवेशकों के हित में हिस्सा बेचने का फैसला लिया गया है। साथ ही उन्होने कहा की अच्छे प्लानिंग से कंपनी MNC बनने की क्षमता है। पिछले 5 सालों से कंपनी का प्रदर्शन ठीक नहीं है। पिछले 4 तिमाही से प्रदर्शन काफी कमजोर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि नई पीढ़ी को भी कारोबार में रुचि नहीं है। कुछ सालों में कंपनी की मार्केट कैप आधी हुई है। कंपनी में सिर्फ मैनेजमेंट स्तर की दिक्कतें हैं। आगे कंपनी का भविष्य ठीक दिख रहा है। लगेज इंडस्ट्री में कोई दिक्कत नहीं है। बांग्लादेश में सबसे बड़ी सॉफ्ट लगेज फैक्ट्री है। नासिक में कंपनी सबसे बड़ी हार्ड लगेज फैक्ट्री है। कंपनी में MNC बनने की पूरी क्षमता है। VIP इंडस्ट्रीज अच्छी प्लैनिंग और स्ट्रैटेजी से MNC बन सकती है।


दिलीप पीरामल ने यह भी बताया कि भारत एकमात्र ऐसा बाजार है जहां लगेज सेगमेंट में MNC कंपनियां लीडिंग पोजीशन में नहीं हैं। वीआईपी लंबे समय मार्केट लीडर रहा है। हालांकि, पिछले कुछ सालों के दौरान वीआईपी इंडस्ट्रीज के शेयर 774.60 रुपये प्रति शेयर के ऑलटाइम हाई से नीचे आया है। हालांकि कंपनी के मैनेजमेंट ने रिकगवरी का अनुमान लगाया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

यह पूछे जाने पर कि किस बात ने उन्हें अपनी हिस्सेदारी कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर किया, पीरामल ने कहा, "यही त्रासदी है। दो साल पहले शेयर की कीमत लगभग 700 रुपये प्रति शेयर थी और मार्केट कैप लगभग 10,000 करोड़ रुपये था। हमें उस कीमत पर एक प्रस्ताव मिला था, लेकिन उस समय कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा था कि 6-12 महीनों में शेयर की कीमत 50 फीसदी और दो साल में 100 फीसदी तक बढ़ जाएगी। लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ।"

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लगेज इंडस्ट्री की शुभ यात्रा

भारत की लगेज इंडस्ट्री पर नजर डालें तो भारत तेजी से ग्रोथ करने वाली इकोनॉमी है। देश में प्रीमियमाइजेशन बढ़ रहा है। भारत Millennials & GenZ वाला देश है। 2030 तक अर्बन पॉपुलेशन 40 फीसदी तक होने की उम्मीद है।1.2 करोड़ लोग हर साल वर्किंग ग्रुप में जुड़ेंगे।

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