Vivid Electromech IPO Listing: लो-वोल्टेज और मीडियम-वोल्टेज इलेक्ट्रिकल पैनल्स और ऑटोमेशन सिस्टम बनाने वाली विविड इलेक्ट्रोमेच के शेयरों की आज NSE SME पर प्रीमियम एंट्री हुई। हालांकि इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा तो आधा भी नहीं भर पाया था। आईपीओ निवेशकों को इसके शेयर ₹555 के भाव पर जारी हुए थे। आज NSE SME पर इसकी ₹565.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 1.80% का लिस्टिंग गेन (Vivid Electromech Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹593.25 तक पहुंचा। हालांकि फिर यह फिसल गया। टूटकर यह ₹556.00 (Vivid Electromech Share Price) तक आया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक महज 0.18% मुनाफे में हैं।
Vivid Electromech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
विविड इलेक्ट्रोमेच का ₹131 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 25-30 मार्च तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.06 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.95 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.50 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.36 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹105 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 4.68 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹43.84 करोड़ एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹9.30 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹36.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Vivid Electromech के बारे में
वर्ष 1990 में बनी विविड इलेक्ट्रोमेच लो-वोल्टेज और मीडियम-वोल्टेज इलेक्ट्रिकल पैनल्स और ऑटोमेशन सिस्टम बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो प्रोजेक्ट्स, कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट, सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी, इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स में होता है। इसकी महाराष्ट्र के नवी मुंबई और पुणे में दो मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹6 लाख का ही शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में तेजी से बढ़कर ₹4.28 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹20.24 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 61% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹155.77 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹9.44 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹70.89 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹14.17 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹44.23 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।