डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (DoT) के रीअसेसमेंट के बाद वोडाफोन आइडिया की लाइसेंस फीस 60% से 65% तक कम हो सकती है। CNBC आवाज को मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों से पता चला है कि DoT ने सभी संबंधित कंट्रोलर ऑफ कम्युनिकेशन अकाउंट्स (CCA) से लाइसेंस फीस का रीअसेसमेंट पूरा करा लिया है। DoT ने रीअसेसमेंट 22 फरवरी 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया था। स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज का असेसमेंट पूरा होना अभी भी बाकी है। इसे लेकर सूत्रों का मानना है कि यह 31 मार्च 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
एक रिटायर्ड IAS अधिकारी के नेतृत्व में डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम की ओर से बनाई गई एक कमेटी आखिरी फैसला लेगी। वोडाफोन आइडिया के पेंडिंग AGR बकाया में लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज (SUC) शामिल हैं।
इस साल की शुरुआत में कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया ने कहा था कि टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने वित्त वर्ष 2006-2007 से लेकर वित्त वर्ष 2018-2019 तक की अवधि के लिए कंपनी का AGR बकाया फ्रीज कर दिया है। AGR से जुड़े कुल बकाया में मूल राशि, ब्याज, जुर्माना और जुर्माने पर ब्याज शामिल है। इस बकाए को 3 चरणों में चुकाया जाएगा। पहले चरण में कंपनी को मार्च 2026 से मार्च 2031 के बीच अगले छह वर्षों तक हर साल अधिकतम 124 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।
दूसरे चरण में मार्च 2032 से मार्च 2035 तक चार वर्षों के लिए हर साल 100 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। इसके बाद बचे बकाया AGR को मार्च 2036 से मार्च 2041 के बीच छह समान सालाना किश्तों में चुकाया जाएगा।
Vodafone Idea के शेयरों में तेजी
कंपनी के शेयरों में 5 मार्च को तेजी है। दिन में BSE पर शेयर की कीमत पिछले बंद भाव से 3.6 प्रतिशत तक उछलकर 10.35 रुपये के हाई तक गई। बाद में शेयर 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़त के साथ 10.23 रुपये पर सेटल हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर 2 सप्ताह में 9 प्रतिशत नीचे आया है। 6 महीनों में इसने 40 प्रतिशत की बढ़त देखी है।
वोडाफोन आइडिया में दिसंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 25.57 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी में भारत सरकार के पास 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार कंपनी में इक्विटी होल्डर जरूर है, लेकिन मैनेजमेंट में नहीं हैं। साथ ही सरकार वोडाफोन आइडिया में अपनी हिस्सेदारी 49 प्रतिशत से ज्यादा नहीं बढ़ाना चाहती।
कंपनी का अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट लॉस घटकर 5,286 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले नेट लॉस 6,609 करोड़ रुपये था। वोडाफोन आइडिया का सब्सक्राइबर बेस सालाना आधार पर 3.4 प्रतिशत कम होकर 19.29 करोड़ रह गया। दिसंबर 2024 तिमाही में कंपनी के 19.98 करोड़ सब्सक्राइबर थे।
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