Vodafone Idea Share: 47% गिर सकता है शेयर! HSBC ने ‘Reduce’ रेटिंग के साथ ₹8.25 का टारगेट दिया
Vodafone Idea Share: HSBC ने रेटिंग ‘Reduce’ बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस ₹8.25 कर दिया। ब्रोकरेज को कंपनी के कैश फ्लो और स्पेक्ट्रम भुगतान को लेकर चिंता है। जानिए शेयर में गिरावट की वजह और Vodafone Idea के लिए आगे क्या चुनौती है।
HSBC की सबसे बड़ी चिंता कंपनी के ऑपरेटिंग कैश फ्लो को लेकर है।
Vodafone Idea Share: देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea के शेयर में मंगलवार को गिरावट दिखी। HSBC ने कंपनी पर अपनी ‘Reduce’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस ₹7.70 से बढ़ाकर ₹8.25 कर दिया है। HSBC की चिंता कंपनी के कैश फ्लो और स्पेक्ट्रम भुगतान को लेकर है।
शेयर 0.83% गिरकर ₹15.47 पर
दोपहर के कारोबार में Vodafone Idea का शेयर 1.09% गिरकर ₹15.43 पर आ गया। इससे पहले पिछले दो कारोबारी सत्रों में शेयर करीब 7.7% चढ़ा था।
2026 में अब तक Vodafone Idea का शेयर करीब 33% ऊपर है। वहीं, इसी दौरान Nifty 50 करीब 9% नीचे है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1.68 लाख करोड़ है।
HSBC ने टारगेट प्राइस बढ़ाया
HSBC ने Vodafone Idea पर ‘Reduce’ कॉल जारी रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस ₹7.70 से बढ़ाकर ₹8.25 कर दिया है।
पिछले बंद भाव के मुकाबले यह टारगेट करीब 47% की गिरावट का संकेत देता है।
कैश फ्लो को लेकर बड़ी चिंता
HSBC की सबसे बड़ी चिंता कंपनी के ऑपरेटिंग कैश फ्लो को लेकर है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY29 में Vodafone Idea का ऑपरेटिंग कैश फ्लो स्पेक्ट्रम भुगतान की जरूरत से कम रह सकता है। इस अनुमान में 2027 की पहली तिमाही में मोबाइल टैरिफ बढ़ने की उम्मीद भी शामिल है।
HSBC के मुताबिक, इन भुगतान को पूरा करने के लिए Vodafone Idea को अगले तीन साल में अपना ऑपरेटिंग कैश फ्लो करीब तीन गुना करना होगा।
नेटवर्क निवेश से मार्केट शेयर कितना बढ़ेगा?
HSBC का मानना है कि Vodafone Idea का नेटवर्क निवेश कंपनी के मार्केट शेयर को स्थिर करने में मदद कर सकता है।
हालांकि, ब्रोकरेज को मार्केट शेयर में बड़ी बढ़त की उम्मीद नहीं है। HSBC ने FY26 से FY29 के बीच EBITDA में करीब 15% सालाना ग्रोथ का अनुमान लगाया है। इसमें टैरिफ बढ़ोतरी की बड़ी भूमिका रहने की उम्मीद है।
2030 से फिर बढ़ेगी फंडिंग की जरूरत
वोडाफोन आइडिया की फंडिंग जरूरत FY29 पर खत्म नहीं होगी। HSBC के मुताबिक, 2030 से स्पेक्ट्रम रिन्यूअल के लिए भी Vodafone Idea को अतिरिक्त पूंजी की जरूरत होगी।
इसलिए स्पेक्ट्रम भुगतान के लिए फंडिंग का मुद्दा शेयर पर दबाव बनाए रख सकता है।
GST मामले में मिली राहत
HSBC की यह रिपोर्ट Vodafone Idea को टैक्स विवाद में राहत मिलने के एक दिन बाद आई है।
7 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने ₹363 करोड़ की GST डिमांड से जुड़े मामले में केंद्र की याचिका खारिज कर दी। यह मामला 2017 में टावर एसेट्स की ATC Telecom को बिक्री से जुड़ा था। Vodafone Mobile का 2018 में Vodafone Idea में विलय हो गया था।
पहली तिमाही में ₹3,754 करोड़ का घाटा
Vodafone Idea ने पहली तिमाही में ₹3,754 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया। कंपनी का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 3.2% बढ़कर ₹11,689 करोड़ रहा।
इस दौरान EBITDA 3% बढ़कर ₹5,034 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 43.07% रहा। पिछली तिमाही में यह 43.14% था।
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