टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया के शेयरों में 1 जनवरी 2026 को दिन में करीब 11 प्रतिशत तक की तेजी आई। BSE पर कीमत 11.92 रुपये के हाई तक गई। बाद में शेयर 8 प्रतिशत बढ़त के साथ 11.62 रुपये पर सेटल हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.25 लाख करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी को एक समझौते के तहत वोडाफोन ग्रुप से 5836 करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, दोनों कंपनियों के बीच एक लायबिलिटी क्लेम समझौते के री-सेटलमेंट के हिस्से के तौर पर वोडाफोन आइडिया को यह फंड मिलने वाला है।
नए एग्रीमेंट के तहत वोडाफोन ग्रुप के प्रमोटर अगले 12 महीनों में वोडाफोन आइडिया के लिए 2307 करोड़ रुपये जारी करेंगे। वोडाफोन ग्रुप ने वोडाफोन आइडिया में अपने 328 करोड़ शेयर भी Vi के फायदे के लिए अलग रख दिए हैं।
CLAM के तहत, मर्जर के समय वोडाफोन के लिए मैक्सिमम एक्सपोजर 8,369 करोड़ रुपये तय किया गया था। पहले से किए गए पेमेंट्स को ध्यान में रखते हुए इसे कम करके 6,394 करोड़ रुपये तय किया गया। एक्सटेंशन के बाद इस समझौते की डेडलाइन 31 दिसंबर, 2025 थी।
एक दिन पहले AGR बकाए पर सरकार से मिली थी राहत
एक दिन पहले सरकार ने वोडाफोन-आइडिया के लिए एक बड़े राहत पैकेज को मंजूरी दी। इसके तहत कंपनी को बकाया AGR भुगतान से 5 साल की मोहलत दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वोडाफोन-आइडिया लिमिटेड के 87,695 करोड़ रुपये के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाया फ्रीज करने पर सहमति जताई है। संकटग्रस्त कंपनी को अब इसे वित्त वर्ष 2031-32 से 2040-41 तक चुकाना होगा। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 और वित्त वर्ष 2018-19 से संबंधित AGR बकाया वोडाफोन-आइडिया को वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2030-31 के दौरान बिना किसी बदलाव के देना होगा।
एजीआर बकाया यानि AGR के आधार पर टेलिकॉम कंपनियों द्वारा सरकार को देय भुगतान। यह वह रेवेन्यू है, जिस पर टेलिकॉम ऑपरेटर्स को लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूजेज चार्जेस का भुगतान करना होता है। इसमें सभी रेवेन्यू शामिल हैं, यहां तक कि गैर-दूरसंचार आय (जैसे ब्याज, किराया, एसेट बिक्री) भी। वोडाफोन आइडिया में सरकार के पास अब 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
Vodafone Idea का शेयर 6 महीनों में 55 प्रतिशत चढ़ा
Vodafone Idea का शेयर 6 महीनों में 55 प्रतिशत और 3 महीनों में लगभग 40 प्रतिशत मजबूत हुआ है। कंपनी में सितंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 25.57 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। वोडाफोन आइडिया का जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट लॉस सालाना आधार पर कम होकर 5524 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले कंपनी 7175.9 करोड़ रुपये के घाटे में थी। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 2.4 प्रतिशत बढ़कर 11195 करोड़ रुपये हो गया, जो सितंबर 2024 तिमाही में 10932.2 करोड़ रुपये था।
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