Vodafone Idea ने अपने नेटवर्क में Huawei और ZTE की टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर लगाई रोक, मेट्रो शहरों में भी Samsung, Ericsson के उपकरणों का करेगी इस्तेमाल

वोडाफोन आइडिया ने सरकार को आश्वस्त किया है कि वह अपनी टेलीकॉम सेवाओं में किसी चाइनीज कंपनी की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं करेगी। हुवेई और जेडटीई चीन की कंपनियां है। इंडिया में सरकार टेलीकॉम कंपनियों के चाइनीज कंपनियों की टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के खिलाफ है

अपडेटेड Oct 17, 2024 पर 10:06 AM
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इस साल की शुरुआत में DoT ने सभी टेलीकॉम सर्विसेज कंपनियों को इस बात की जांच करने को कहा था कि उनके नेटवर्क में 'गैर-भरोसेमंद स्रोतों' से हासिल टेक्नोलॉजी का किस हद तक इस्तेमाल हो रहा है।
     
     
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    वोडाफोन आइडिया अपनी 4जी सेवाओं के लिए हुवेई और जेडटीई की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं करेगी। हाल में उसने दोनों कंपनियों की टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। वह इनकी जगह अपनी 4जी सेवाओं के लिए सैमसंग की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी। वोडाफोन आइडिया ने सरकार को आश्वस्त किया है कि वह अपनी टेलीकॉम सेवाओं में किसी चाइनीज कंपनी की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं करेगी। हुवेई और जेडटीई चीन की कंपनियां है।

    सरकार चाइनीज टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के खिलाफ

    इंडिया में सरकार टेलीकॉम कंपनियों के चाइनीज कंपनियों की टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के खिलाफ है। इसकी वजह यह है कि चाइनीज कंपनियों की टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को देश की सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा है। Vodafone Idea ने कुछ समय पहले अपनी 4जी सेवाओं के लिए Huawei और ZTE की टेक्नोलॉजी और इक्विपमेंट्स की जगह सैमसंग की टेक्नोलॉजी और इक्विपमेंट्स का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। उसने हाल में दिल्ली जैसे मेट्रो शहरों में भी Huawei के 4G इक्विपमेंट की जगह Ericsson के इक्विपमेंट के इस्तेमाल के लिए कंपनी (Ericsson) से नई डील की  है।


    वोडाफोन आइडिया कोर में नहीं करेगी चाइनीज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

    वोडाफोन आइडिया के चीफ टेक्नोलॉजी अफसर जगबीर सिंह ने मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में इस मसले को लेकर कंपनी के प्लान के बारे में बताया। सिंह ने कहा, "हमने सरकार को आश्वस्त किया है कि हमने अपने कोर नेटवर्क में चाइनीज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बंद कर दिया है। हम इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि कोर में किसी चाइनीज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं किया जाए। कोर को टेलीकॉम नेटवर्क का दिमाग माना जाता है, जिसमें सभी डेटाबेस स्थित होते हैं।"

    चाइनीज की जगह अमेरिकी और यूरोपीय इक्विपमेंट का होगा इस्तेमाल

    उन्होंने कहा कि नेटवर्क सिक्योरिटी से जुड़े मसले मुख्य रूप से कोर से जुड़े हैं न कि ट्रांसपोर्ट या रेडियो नेटवर्क से। हम अब चाइनीज की जगह अमेरिकी या यूरोपीय कंपनियों से हासिल कंपोनेंट और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। सिंह ने यह भी कहा कि वोडाफोन आइडिया ने अपने नेटवर्क के बारे में पूरी जानकारी डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) को उपलब्ध करा दी है। इसमें हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारियां भी शामिल हैं।

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    सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों से मांगी थी रिपोर्ट

    इस साल की शुरुआत में DoT ने सभी टेलीकॉम सर्विसेज कंपनियों को इस बात की जांच करने को कहा था कि उनके नेटवर्क में 'गैर-भरोसेमंद स्रोतों' से हासिल टेक्नोलॉजी का किस हद तक इस्तेमाल हो रहा है। उसने टेलीकॉम कंपनियों को इस बारे में पूरी रिपोर्ट भेजने का भी निर्देश दिया था।

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