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Market trend : डर के इस माहौल में वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX पर रहे नजर, मुनाफे की रणनीति बनाने में होगी आसानी

Volatility Index Explained: विरल भट्ट के मुताबिक डर का इंडेक्स चुनाव के समय, बजट अनाउंसमेंट के समय और ग्लोबल संकट के समय ज्यादा बढ़ता है। उन्होंने आगे कहा कि इंडिया विक्स की रेंज आमतौर पर यह 10 से 25 के बीच रहता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 10, 2025 पर 11:26 AM
Market trend : डर के इस माहौल में वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX पर रहे नजर, मुनाफे की रणनीति बनाने में होगी आसानी
बाजार पॉजिटिव है तब वोलैटिलिटी इंडेक्स कम होता है। बाजार में गिरावट का माहौल हो तब इंडेक्स की वैल्यू ज्यादा होती है।

टैरिफ वॉर के चलते एक तरफ जहां बाजार में घमासान मचा हुआ है। वहीं डर का इंडेक्स कहा जाने वाला  "वौलेटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX" में तेजी और गिरावट निवेशकों के पसीने छूटा रही है। ऐसे में निवेशकों के लिए इस डर के इंडेक्स को समझना और भी जरुरी हो जाता है।बता दें कि इंडिया विक्स इंडेक्स का म्यूचुअल फंड से सीधा इपेक्ट भले ही ना हो लेकिन इन्वेस्टमेंट सेटीमेंट के लिए ये इंडेक्स काफी अहम हैं।

ऐसे में बाजार में बहुत सारे ऐसे इन्वेस्टर्स ऐसे है जो इस इंडेक्स के बारे में नहीं जानते। ऐसे में वोलैटिलिटी इंडेक्स के जरिए निवेश की स्ट्रैटेजी समझाते हुए मनी मंत्रा (Money Mantra) के फाउंडर विरल भट्ट (Viral Bhatt) ने कहा India VIX (Volatility Index) भारतीय शेयर बाजार की अगले 30 दिनों की अस्थिरता (volatility) का अनुमान लगाने वाला एक इंडिकेटर है। इसे "डर का मीटर" भी कहा जाता है, क्योंकि जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो India VIX ऊपर चला जाता है।

निफ्टी ऑप्शंस की इम्प्लाइड वोलैटिलिटी (Implied Volatility of NIFTY Options)-अगर India VIX ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि बाजार में डर और अनिश्चितता अधिक है और यदि VIX कम है, तो इसका मतलब बाजार स्थिर है।

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