वर्तमान में न्यू एज इंटरनेट कंपनियों में दिख रही उठापटक की पहले से ही उम्मीद थी। अब आगे इन स्टॉक्स में सुधार के लिए इनका मुनाफे में आना सबसे जरूरी है। ये बातें Elara Securities के SVP-रिसर्च एनालिस्ट करन तौरानी ने CNBC-TV18 के साथ Nykaa और Zomato जैसी न्यू एज कंपनियों के लॉक-इन पीरियड के खत्म होने पर हुई बातचीत में कही हैं।
उन्होंने कहा "इन स्टॉक्स के साथ इस समय जो कुछ भी हो रहा है उसका अंदाजा पहले से ही था। आगे आपको इन इंटरनेट आधारित कंपनियों को लेकर निवेशकों के रुख में बदलाव होता दिखेगा। इस बकेट में शामिल कुछ कंपनियां मजबूती दिखाएंगी। इसकी वजह होगी उनका मुनाफे में आना। मेरा मानना है कि इन कंपनियों को मुनाफे में आना होगा तभी इनका वैल्यूएशन सही साबित हो सकेगा।"
उन्होंने आगे कहा कि जब इन कंपनियों के IPO आए थे तब अधिकांश न्यू-एज कंपनियों का वैल्यूएशन इनकी बिक्री के आधार पर तय किया गया था। इसकी वजह ये थी कि इनके EBITDA या PAT मार्जिन को जानने का कोई मापक नहीं था। अब आगे इन कंपनियों के मुनाफे पर फोकस जारी रहेगा। मुनाफे में आना ही इनके लिए मूलमंत्र होगा।
न्यू एज इंटरनेट कंपनियों में अब क्या करें
करन तौरानी Zomato की तुलना में Nykaa पर ज्यादा आशावादी हैं। उनका कहना है कि मुनाफे की बात करें तो ब्यूटी प्रोडक्ट रिटेलर Nykaa का बिजनेस मॉडल ज्यादा बेहतर साबित हुआ है। वहीं, फूड डिलिवरी कंपनी Zomato मुनाफे के मामले में ज्यादा अनिश्चित स्थिति में है। उन्होंने कहा कि Elara Securities की Nykaa में 240 रुपए के लक्ष्य के लिए 'buy'रेटिंग है। उन्होंने आगे कहा कि इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। लेकिन दूसरी कंपनियों के लिए Nykaa को कॉपी करना संभव नहीं होगा। नायका को फर्स्ट मूवर होने का फायदा तो मिलेगा है। साथ उसको अपने ग्राहकों के साथ संबंध और उनके विश्वास का भी फायदा मिलेगा। अगले तीन साल में कंपनी के रेवेन्यू में, मार्जिन में लगातार सुधार के साथ 25-30 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। उन्होंने आगे कहा कि नायका के लिए सिर्फ उसके फैशन बिजनेस को लेकर ही थोड़ी चिंता नजर आ रही है। यहां अच्छा मुनाफा दिखने में मुश्किल नजर आ रही है।
Zomato पर बात करते हुए करन तौरानी ने कहा कि कंपनी की ग्रोथ रेट 35-40 फीसदी से घटकर 25-30 फीसदी के रेंज में आ गई है। लेकिन अगर कंपनी मार्जिन पर फोकस कर रही तो ये बुरा नहीं है। यहां से कंपनी के मार्जिन में बढ़त के साफ संकेत दिख रहे हैं। शेयर ट्रेडिंग के नजरिए से देखें तो भी इस स्टॉक के लिए कई मुश्किलें दिख रही हैं। इस स्टॉक पर डे ट्रेडर्स की तरफ से लगातार दबाव बना हुआ है। भारत में ऑर्डर वैल्यू को लेकर भी परेशानियां हैं। लेकिन इन सबके बावजूद अगर ये कोई पॉजिटिव सरप्राइज देता है तो फिर आगे हमें इस स्टॉक की भी कुछ री-रेटिंग होती दिख सकती है।
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