Voltas Stock Price: वोल्टास एयर कंडिशनर बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। यह टाटा ग्रुप की कंपनी है। गर्मी का मौसम आने वाला है। गर्मी में एसी की डिमांड बढ़ती है, जिसका फायदा एसी कंपनियों को मिलता है। इन कंपनियों के शेयरों में तेजी आती है। वोल्टास का शेयर एक महीने में 15 फीसदी फिसला है। सवाल है कि क्या इस स्टॉक में अभी इनवेस्ट करने पर आगे मोटी कमाई हो सकती है?
दिसंबर तिमाही में मिलाजुला प्रदर्शन
Voltas का प्रदर्शनदिसंबर तिमाही में मिलाजुला रहा। साल दर साल आधार पर रेवेन्यू करीब अपरिवर्तित रही। लेकिन, पिछली तिमाही के मुकाबले रेवेन्यू में 31 फीसदी का उछाल आया। इससे पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में कमजोरी डिमांड के बाद स्थिति बेहतर होने का संकेत मिला। इस रिकवरी में यूनिटरी कूलिंग प्रोडक्ट्स (UCP) सेगमेंट का बड़ा हाथ रहा। इस सेगमेंट में साल दर साल आधार पर 9 फीसदी ग्रोथ दिखी।
प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से बेहतर परफॉर्मेंस
वोल्टास ने मार्केट में अपनी लीडरशिप पोजीशन बनाए रखी है। इसकी बाजार हिस्सेदारी 17.9 फीसदी है। इसका प्रदर्शन प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले बेहतर रहा है। लेकिन, कंपनी की मुनाफा कमाने की क्षमता पर दबाव दिखा है। कमोडिटी की कॉस्ट बढ़ने और रुपये में कमजोरी से मार्जिन घटा है। यूसीपी सेगमेंट में EBIT पॉजिटिव हो गया है, लेकिन मार्जिन सामान्य लेवल पर नहीं आया है। इससे रिकवरी की प्रक्रिया जारी रहने के संकेत मिलते हैं।
प्रीमियम प्रोडक्टस पर फोकस
कंज्यूमर अप्लायंसेज सेगमेंट (Voltbek) में कंपनी के मार्केट शेयर में इम्प्रूवमेंट दिखा है। इस साल अब तक रेफ्रिजरेटर में मार्केट शेयर बढ़कर 6.2 फीसदी पहुंच गया है, जबकि वाशिंग मशीन में बढ़कर 8.2 फीसदी हो गया है। कंपनी अपने बिजनेस में इनवेस्ट कर रही है। उसका फोकस प्रीमियम प्रोडक्ट्स और मार्केट शेयर बढ़ाने पर है। इससे आगे प्रॉफिट में इजाफा देखने को मिलेगा।
आगे एसी की डिमांड में इजाफा
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अप्रैल की शुरुआत में बारिश देखने को मिली है। मई और जून में गर्मी बढ़ने और लू चलने का अनुमान है। खासकर मध्य और उत्तर भारत में ऐसा देखने को मिलेगा। इसके अलावा जून और अगस्त के बीच अल नीनो की स्थितियां बनने का अनुमान है। इससे गर्मी बढ़ सकती है, जिससे एसी की डिमांड में भी इजाफा देखने को मिलेगा।
पश्चिम एशिया में लड़ाई से बढ़ी उत्पादन लागत
अभी इंडस्ट्री को सप्लाई के मामले में दोहरी चुनौती से निपटना पड़ रहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई जारी रहने से एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई में रुकावट आई है। इससे सरकार ने गैस के इंडस्ट्रियल इस्तेमाल की 80 फीसदी सीमा तय कर दी है। इससे उत्पादन की लागत बढ़ी है। इससे मैन्युफैक्चरर्स को महंगे विकल्प का इस्तेमाल करने को मजबूर होना पड़ा है। उधर, कॉपर जैसे कच्चे माल की कीमतें बढ़ी हैं। रुपये में कमजोरी का भी असर पड़ा है।
क्या अभी आपको इनवेस्ट करना चाहिए?
वोल्टास ने चैनल एक्सपैंशन पर फोकस बनाए रखा है। कूलिंग कैटेगरीज और प्रीमियम प्रोडक्ट्स में कंपनी अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। भारत में अभी एसी की पहुंच आबादी के काफी कम हिस्से तक है। इसलिए लंबी अवधि में ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं दिखती हैं। 2024 के अपने सबसे हाई लेवल से यह शेयर 35 फीसदी टूटा है। इसके बावजूद इसमें FY28 की इसकी अनुमानित इनकम के 35 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। शॉर्ट टर्म में रिस्क को देखते हुए शेयर महंगा लग रहा है। ऐसे में निवेशकों को शेयरों में निवेश करने के लिए कीमतों में गिरावट का इंतजार करना चाहिए। 7 अप्रैल को वोल्टास का शेयर 2.62 फीसदी गिरकर 1,219 रुपये पर बंद हुआ।