Metal Stock: कमोडिटी की कीमतों में भारी उठा-पटक के बीच अगर आप भी मेटल शेयरों में निवेश करने का मन बना रहे है तो ठहरिए। अभी इसके लिए आपको जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। ये हम नहीं बल्कि एक्सिस सिक्योरिटी में मेटल्स के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट आदित्य वेलेकर का कहना है। उनका मानना है कि निवेशकों को मेटल स्टॉक्स में बेहतर एंट्री पॉइंट्स का इंतज़ार करना चाहिए, क्योंकि मानसून के दौरान स्टील की कीमतें सीजनल रूप से कमजोर फेज में चली जाती हैं। हालांकि ब्रोकरेज लंबे समय में इस सेक्टर पर कंस्ट्रक्टिव बना हुआ है, लेकिन उसे शॉर्ट-टर्म करेक्शन की उम्मीद है जो बेहतर खरीदारी के मौके दे सकता है।
फेरस स्टॉक्स में एक्सिस सिक्योरिटी की टॉप पिक्स में JSW स्टील उनकी लिस्ट में पहले पायदान बनी हुई है। जबकि हिंडाल्को एक्सिस सिक्योरिटी का पसंदीदा नॉन-फेरस स्टॉक बना हुआ है।
आखिर क्यों करना चाहिए आपको इंतजार?
आदित्य वेलेकर का कहना है कि स्टील कंपनियों के अप्रैल-जून तिमाही के अच्छे परफॉर्मेंस के बाद जल्द ही कीमतों पर दबाव आ सकता है। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि जब तक वैल्यूएशन ज़्यादा आकर्षक न हो जाए, तब तक नई पोजीशन लेने से बचें।
उन्होंने आगे कहा कि हम अभी चौथी तिमाही में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, और स्टील की कीमतें अब मौसमी रूप से कमजोर मॉनसून सीजन में जा रही हैं, इसलिए हम टाटा स्टील (Tata Steel) के ज़्यादातर शेयरों में कुछ टेक्टिकल शॉर्ट-टर्म करेक्शन देख सकते हैं।"
जिंदल स्टील एंड पावर (Jindal Steel and Power) के ऑपरेशन्स पर कमेंट करते हुए, आदित्य वेलेकर ने कहा कि कंपनी के नीदरलैंड्स प्लांट में प्रदूषण से जुड़े मुद्दे एक लगातार चलने वाला मामला है और इससे लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट केस में कोई बदलाव नहीं आता है।
एक्सिस सिक्योरिटी की टॉप लिस्ट में शामिल है मेटल स्टॉक
बड़ी स्टील कंपनियों में, आदित्य वेलेकर ने JSW स्टील को टॉप पर रखा, उसके बाद स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (Steel Authority of India Limited), हिंदुस्तान कॉपर (Hindustan Copper) , और टाटा स्टील (Tata Steel) का नंबर आता है। उन्होंने आगे कहा कि अगर स्टॉक में और करेक्शन होता है तो SAIL एक वैल्यू बाइंग मौका बन सकता है।
एक्सिस सिक्योरिटीज 2026-27 (FY27) के लिए एल्युमीनियम पर लगभग $3,000 प्रति टन के प्राइस अनुमान के साथ काम कर रही है, और 2028-29 (FY29) तक कीमतें घटकर $2,800-$2,900 प्रति टन होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि ज़्यादा प्रोडक्शन कॉस्ट एल्युमीनियम की कीमतों को ज़्यादा गिरने से रोकेगी, भले ही मार्केट में और सप्लाई आए।
कॉपर की कीमतों पर बात करते हुए आदित्य वेलेकर ने उम्मीद जताई है कि कॉपर कंसन्ट्रेट की कमी से सपोर्टेड, $10,000-$11,000 प्रति टन से ऊपर की कीमतें सस्टेनेबल रहेगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि निवेशकों को हिंडाल्को (Hindalco) के पॉजिटिव लॉन्ग-टर्म फंडामेंटल्स के बावजूद, हिंडाल्को पर विचार करने से पहले निचले लेवल का इंतजार करना चाहिए।
नॉन-फेरस मेटल में इन स्टॉक्स पर लगाए दांव
नॉन-फेरस स्टॉक्स में, NALCO और श्याम मेटालिक्स (Shyam Metallics) काफी आकर्षक लग रहे है। हालांकि उन्होंने मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितता और ग्लोबल इंटरेस्ट रेट के माहौल में संभावित बदलावों के कारण सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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