भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट जारी है। पहले बाजार विदेशी फंडों की बिकवाली और कंपनियों की कमजोर अर्निंग्स ग्रोथ की वजह से गिर रहा था। फिर, फरवरी की आखिर में अमेरिका-ईरान की लड़ाई की वजह से बाजार में गिरावट शुरू हो गई। इससे निवेशक मायूस हैं। सिप के रास्ते इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के इनवेस्टर्स को भी रिटर्न की चिंता सता रही है। अगर आप भी इस गिरावट से चिंतित हैं तो आपको दिग्गज इनवेस्टर वॉरेन बफे की एक खास सलाह समझने की जरूरत है।
लंबी अवधि के निवेश में होती है मोटी कमाई
बफे ने हमेशा निवेशकों को शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी है। उनका जोर लंबी अवधि के निवश पर रहा है। उनका मानना है कि शेयर बाजार में असल कमाई लंबी अवधि के निवेश में होती है। शॉर्ट टर्म में कमाई हो सकती है, लेकिन लंबी अवधि के मुकाबले इनवेस्टर्स के लिए रिस्क काफी बढ़ जाता है।
करेक्शन से डरते हैं तो शेयरों में नहीं करें निवेश
दिग्गज निवेशक ने 2015 में The Street को दिए इंटरव्यू में कहा था, "अगर आपको करेक्शन से डर लगता है, तो आपको शेयर नहीं खरीदने चाहिए।" उन्होंने कहा था कि अगर आप लंबी अवधि के लक्ष्य जैसे अपने रिटायरमेंट या घर खरीदने के लिए शेयरों में निवेश कर रहे हैं तो आपको किसी दिन या किसी हफ्ता शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को लेकर चिंतित नहीं होना चाहिए।
सही प्राइस पर खरीदें शेयर और उसे होल्ड करें
बफे का मानना है कि अगर आप किसी ऐसे प्राइस पर शेयर खरीदते हैं जो आपको सही लगता है तो फिर आपको शेयरों को 20 साल तक रखना चाहिए। आपको रोजाना इसकी कीमतों पर नजर नहीं रखनी चाहिए। कई इनवेस्टर्स को शेयर बाजार फटाफट कमाई का जरिया लगता है। इस वजह से शेयरों की कीमतें गिरते ही वे बेचैन हो जाते हैं। गिरावट बढ़ने पर वे अपने शेयरों को बेचने के बारे में सोचने लगते हैं।
पहली बार गिरावट देखने वाले निवेशक ज्यादा चिंतित
ऐसे निवेशकों को शेयर बाजार में नुकसान होता है। 2020 में कोविड की महामारी शुरू होने के बाद लॉक-डाउन शुरू हो गया था। तब घर से बाहर निकलना बंद हो गया था। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों ने शेयरों में निवेश करना शुरू किया था। कुछ ही महीने बाद शेयर बाजार में जबर्दस्त रिकवरी आई। निवेशकों को खूब फायदा हुआ। लेकिन, 2024 में सितंबर के आखिर से भारतीय बाजार में गिरावट शुरू हो गई। यह गिरावट अभी तक जारी है। इस गिरावट ने नए निवेशकों को चिंतित कर दिया है।
हर गिरावट के बाद बाजार में आती है रिकवरी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को इस गिरावट से परेशान होने की जरूरत नहीं है। शेयर बाजार में हर गिरावट के बाद रिकवरी आती है। शेयर बाजार का इतिहास बताया है कि हर बड़ी गिरावट के बाद शेयर बाजार में रिकवरी आती है। इस गिरावट के दौर में भी जो इनवेस्टर्स बाजार में टिके रहते हैं रिकवरी आने पर उन्हें सबसे ज्यादा फायदा होता है।
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