ओमीक्रोन वेरिएंट (Omicron Variant) के देश में बढ़े मामलों के चलते सोमवार को शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 30 (Sensex-30) करीब 949 अंकों का गोता लगाकर 56,747 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी (Nifty) करीब 284.45 अंक टूटकर 16,912.25 पर बंद हुआ। एक्सपर्ट के मुताबिक, ओमीक्रोन को लेकर चिंता के बीच चौतरफा बिकवाली से बाजार में गिरावट आई।
एक्सपर्ट के अनुसार, देश में शनिवार और रविवार को वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन के और मामले सामने आने से शेयर बाजारों में गिरावट आई। इसके अलावा निवेशकों को रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी में बदलाव का इंतजार है। RBI के मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की तीन-दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हुई है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि RBI यथास्थिति बनाए रखने के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि निवेशक बैठक खत्म होने के बाद इस संबंध में RBI के ऐलान का इंतजार कर रहे हैं।
इस बीच, ओमीक्रोन को लेकर बढ़ती चिंता और शेयर बाजारों में भारी गिरावट के चलते भारतीय रुपया भी सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 30 पैसा कमजोर होकर 75.42 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।
LKP Securities के रिसर्च हेड एस रंगनाथन ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "बाजार में शुरुआत गिरावट के साथ हुई और दोपहर के कारोबार में बिकवाली तेज हुई। सभी सेगमेंट और सेक्टर्स के इंडेक्स नुकसान में रहें।" उन्होंने कहा कि बाजार को RBI की मौद्रिक नीति समीक्षा का इंतजार है। मंदड़ियों के हावी होने से निफ्टी 17,000 के नीचे आया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की तरफ से बिकवाली लगातार जारी है। हालांकि, घरेलू निवेशकों ने सोमवार को प्रमुख फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी की।
सेंसेक्स में शामिल सभी शेयर नुकसान में रहें। इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) में सबसे अधिक करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। इसके अलावा बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, टीसीएस, HCL टेक और टेक महिंद्रा में भी प्रमुख रूप से गिरावट रही।
Geojit Financial Services के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने बताया, "ओमीक्रोन को लेकर बढ़ी अनिश्चितता ने निवेशकों के मनोबल को कमजोर किया है। इसके अलावा निवेशक बुधवार को RBI की तरफ से मॉनिटरी पॉलिसी के ऐलान का इंतजार भी कर रहे हैं। निकट भविष्य में नए वेरिएंट, RBI और अमेरिकी फेड रिजर्व के नीतिगत फैसले हावी रहेंगे। ऐसे में शेयर बाजारों के अस्थिर रहने की उम्मीद है। बाजार को उम्मीद है कि आरबीआई निकट भविष्य अनिश्चितताओं को देखते हुए अपनी 'उदार' नीति पर कायम रहेगा। हालांकि साल 2022 की पहली छमाही में इसमें बदलाव की उम्मीद है।"
इस बीच, एशिया के अन्य बाजारों में चीन में शंघाई कंपोजिट (SSE Composite Index), हांगकांग का हैंग सेंग (Hang Seng) और जापान का निक्की (Nikkei) नुकसान में रहे। जबकि दक्षिण कोरिया के कॉस्पी (KOSPI) में तेजी रही। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार के दौरान तेजी का रुख रहा।