Share Market Rally: क्लोजिंग पर भी दिखी आतिशबाजी: सेंसेक्स 1,533 अंक उछलकर 74,300 के पार बंद, बंपर रैली से निवेशक गदगद
Share Market Rise: दलाल स्ट्रीट पर आज बुल्स ने ऐसी आतिशबाजी की है कि क्लोजिंग बेल तक सेंसेक्स 1,533 अंकों की शानदार उछाल के साथ 74,315 के पार बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 23,000 के बेहद करीब पहुंच गया। आईटी और बैंकिंग सेक्टरों की जबरदस्त खरीदारी ने इस तेजी को मजबूत सहारा दिया। आखिर मार्केट में आई इस तूफानी तेजी की असली वजह क्या रही और क्या यह रफ्तार आगे भी जारी रहेगी? जानिए
आईटी और बैंकिंग शेयरों में आई इस रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली
Share Market Rally: भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए आज का दिन बेहद धमाकेदार रहा है। दिनभर की तूफानी खरीददारी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी क्लोजिंग बेल तक अपनी बढ़त को मजबूती से थामे रखने में कामयाब रहे। आईटी और बैंकिंग शेयरों में आई जबरदस्त खरीदारी के दम पर बीएसई सेंसेक्स 1,500 अंकों से ज्यादा की छलांग लगाकर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 50 भी 23,000 के मनोवैज्ञानिक लेवल के बिल्कुल करीब जाकर बंद हुआ है।
बाजार की फाइनल क्लोजिंग
मार्केट बंद होने के बाद के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 1,533.72 अंक (2.10%) की भारी बढ़त के साथ 74,315.61 के स्तर पर बंद हुआ है। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 भी 374.65 अंक (1.65%) चढ़कर 22,997.35 के स्तर पर बंद हुआ।
आईटी और बैंकिंग में बंपर तेजी
आज बाजार की इस ऐतिहासिक तेजी की अगुवाई आईटी और बैंकिंग सेक्टर ने की। निफ्टीआईटी इंडेक्स 548.80 अंक (+1.81%) की मजबूती के साथ 30,719.80 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी बैंक 494.50 अंक (+0.89%) उछलकर 55,810.50 और बैंकैक्स (+0.85%) 62,899.26 पर बंद हुआ।
मिडकैप में हल्की बिकवाली
मुख्य सूचकांकों में रिकॉर्ड तेजी के विपरीत ब्रॉडर मार्केट में मुनाफावसूली हावी रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स -211.85 अंक (-0.35%) फिसलकर 59,197.25 के स्तर पर क्लोज हुआ।
आईटी इंडेक्स में 2.4% तक की जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिससे पिछले तीन कारोबारी सत्रों में आईटी इंडेक्स की कुल बढ़त लगभग 8.3% हो गई है। दिग्गज आईटी कंपनियों जैसे इंफोसिस, टीसीएस और HCLTech के शेयरों में 3-3 फीसदी तक का उछाल देखने को मिला। वहीं टेक महिंद्रा 3.5% और विप्रो 1.7% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, क्योंकि आज ही इनके तिमाही नतीजे घोषित होने वाले हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार के अनुसार:, 'HCLTech के बेहतर तिमाही नतीजों के बाद आईटी शेयरों में आई मजबूती और उससे बनी सकारात्मक धारणा आईटी इंडेक्स को आगे भी मजबूत बनाए रखेगी।'
अमेरिका में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा (अगस्त में 3.4% से बढ़कर सितंबर में 3.7%) रहने के कारण फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दरें बढ़ाने की आशंका गहरा गई है। इस वजह से अमेरिकी टेक-हैवी नैस्डैक में 1.88% की भारी गिरावट आई और AI शेयरों में बिकवाली देखी गई। इसका असर दक्षिण कोरिया (Kospi में 7% से ज्यादा गिरावट) और जापान (Nikkei में 4% से ज्यादा गिरावट) जैसे एशियाई बाजारों पर भी दिखा।
वैसे भारतीय बाजार के नजरिए से एआई शेयरों में आई यह गिरावट एक पॉजिटिव पहलू है। वी.के. विजयकुमार का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs), जो भारतीय शेयरों को बेचकर वैश्विक एआई शेयरों में पैसा लगा रहे थे, अब इस रुझान को रोक सकते हैं और अनुकूल परिस्थितियों में वापसी भी कर सकते हैं। इसके अलावा, आगामी बजट में वित्त मंत्रालय द्वारा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) टैक्स पर पुनर्विचार करने के संकेतों से बाजार को मजबूती मिल रही है। साथ ही, वित्तीय क्षेत्र के आने वाले बेहतर Q2 नतीजों से भी बाजार को सहारा मिलने की उम्मीद है।
2. निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग
पिछले दिनों बाजार में आई गिरावट के कारण कई प्रमुख इंडेक्स और शेयर छह महीने के निचले स्तरों के करीब पहुंच गए थे। ऐसे में निचले स्तरों पर निवेशकों को आकर्षक वैल्यूएशन मिला, जिससे बाजार में वैल्यू बाइंग यानी सस्ते भाव पर खरीदारी का दौर शुरू हो गया।
3. टेक्निकल कारण और एक्सपर्ट्स का आउटलुक
तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में मंदी का असर केवल तभी हावी होगा जब निफ्टी 22,600 के स्तर से नीचे ट्रेड करना शुरू करेगा।
थिंक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के संस्थापक गौरव उदानी के मुताबिक, 'आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी होने के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा रह सकता है। अगर रिकवरी टिकी रहती है तो निफ्टी 22,750 से 22,850 के स्तर की तरफ बढ़ सकता है। वहीं, 22,500 के नीचे ब्रेकडाउन होने पर नई बिकवाली का दबाव आ सकता है। इसलिए ट्रेडर्स को एक्सपायरी के दिन केवल प्रमुख स्तरों पर ध्यान देना चाहिए।'
बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पवित्र मुखर्जी के अनुसार, 'आने वाले सत्रों में अगर निफ्टी पिछले हफ्ते के हाई 22,776 के ऊपर निकलता है, तो इसमें 23,000 से 23,100 के स्तरों तक पुलबैक देखने को मिल सकती है। अगर बाजार 22,776 को पार करने में नाकाम रहता है, तो यह 22,300 से 22,775 के दायरे में कंसोलिडेट करेगा। पिछले दो महीनों की गिरावट पर ब्रेक लगाने के लिए इंडेक्स को वीकली चार्ट पर लगातार हायर-हाई और हायर-लो बनाकर 23,100 का स्तर दोबारा हासिल करना होगा।'
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।