आईटी कंपनी विप्रो ने 15 अक्तूबर को सितंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट तिमाही दर तिमाही आधार पर 4.5 फीसदी घटकर 3,200.6 करोड़ रुपये रहा। सितंबर तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 1.1 फीसदी बढ़कर 24,752.7 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद नतीजों का ऐलान किया। कंपनी के शेयर पर नतीजों का असर 16 अक्तूबर को दिखेगा।
प्रॉफिट अनुमान से कम लेकिन रेवेन्यू अनुमान से ज्यादा
सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स ने विप्रो का नेट प्रॉफिट तिमााही दर तिमाही आधार पर 3.1 फीसदी घटकर 3,248.6 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था। कंपनी का रेवेन्यू 1 फीसदी बढ़कर 24,722 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था। कंपनी का प्रॉफिट अनुमान से कम रहा, जबकि रेवेन्यू अनुमान से ज्यादा रहा।
दिसंबर तिमाही के लिए कंपनी ने दिया गाइडेंस
विप्रो ने दिसंबर तिमाही में आईटी सर्विसेज से रेवेन्यू 2,57.1-262.5 करोड़ डॉलर रहने का अनुमान लगाया है। यह कॉन्स्टैंट करेंसी में माइनस 1.5 फीसदी से प्लस 0.5 फीसदी की ग्रोथ होगी। इस गाइडेंस से यह पता चलता है कि कंपनी को दिसंबर तिमाही में डिमांड की स्थितियां कमजोर रहने का अनुमान है।
आईटी सर्विसेज का ऑपरेटिंग मार्जिन बढ़ा
सितंबर तिमाही में आईटी सर्विसेज से कंपनी का रेवेन्यू 261.15 करोड़ डॉलर रहा। यह डॉलर में पिछली तिमाही के मुकाबले 0.1 फीसदी कम है। कॉन्स्टैंट करेंसी में रेवेन्यू तिमाही दर तिमाही आधार पर फ्लैट (बदलाव नहीं) रहा। साल दर साल आधार पर यह 0.6 फीसदी ज्यादा रहा। आईटी सर्विसेज का ऑपरेटिंग मार्जिन बढ़कर 16.5 फीसदी रहा। जून तिमाही में यह 16 फीसदी था।
सितंबर तिमाही में डील बुकिंग्स में आई कमी
कंपनी की डील बुकिंग्स में सितंबर तिमाही में तेज गिरावट आई। कुल कॉन्ट्रैक्ट बुकिंग्स 2.595 अरब डॉलर रही। यह कॉन्स्टैंट करेंसी में तिमाही दर तिमाही आधार पर 22.9 फीसदी कम है। लार्ज डील की बुकिंग्स 58.6 फीसदी घटकर 67.4 अरब अरब डॉलर रही। विप्रो का शेयर 15 अक्तूबर को 1.83 फीसदी चढ़कर 174.05 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर करीब 35 फीसदी गिरा है।