Wipro Stock Price: नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने उम्मीद जताई है कि विप्रो के शेयर में आगे 22 प्रतिशत तक की तेजी आ सकती है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए रेटिंग को 'होल्ड' से अपग्रेड कर 'बाय' कर दिया है। टारगेट प्राइस भी 520 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये प्रति शेयर कर दिया है, जो विप्रो शेयर के बीएसई पर 28 नवंबर को बंद भाव से 22 प्रतिशत ज्यादा है।
नुवामा ने इसके पीछे कंपनी के अनुकूल पोर्टफोलियो मिक्स, सीईओ श्रीनि पल्लिया की नई लीडरशिप और आकर्षक वैल्यूएशन का हवाला दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि ये सभी फैक्टर्स विप्रो को एक आकर्षक रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल प्रदान करते हैं।
28 नवंबर को Wipro शेयर में गिरावट
28 नवंबर को विप्रो के शेयर में गिरावट है। शेयर सुबह बीएसई पर बढ़त के साथ 585.05 रुपये पर खुला और 585.95 रुपये के हाई तक गया। इसके बाद शेयर में गिरावट आई और यह पिछले बंद भाव से लगभग 2 प्रतिशत गिरकर 570.60 रुपये के लो तक आया। कारोबार बंद होने पर शेयर 572.30 रुपये पर सेटल हुआ। पिछले 6 महीनों में विप्रो के शेयर ने 25 प्रतिशत की तेजी देखी है। 8 नवंबर 2024 तक कंपनी में प्रमोटर्स के पास 72.79 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
विप्रो ने पिछली कुछ तिमाहियों में अपने डिस्क्रेशिनरी खर्च में या तो कटौती की है या इसे होल्ड किया है। इसकी वजह से कंपनी पिछड़ गई है। नुवामा का मानना है कि 24 सितंबर को फेड की ओर से ब्याज दर में की गई कटौती और अमेरिका में मैक्रो डायनेमिक्स में सुधार के बाद, उम्मीद है कि डिस्क्रेशिनरी खर्च फिर से शुरू होंगे। इससे विप्रो को फायदा होगा।
विप्रो की कंसल्टिंग शाखा, कैपको ने पिछली दो तिमाहियों में वृद्धि दिखाई है इसके अलावा BFSI में विप्रो की मौजूदगी को वित्तीय संस्थानों की ओर से टेक पर खर्च में वृद्धि किए जाने से फायदा होने की उम्मीद है। नुवामा ने यह भी कहा कि अप्रैल 2024 में श्रीनि पल्लिया को विप्रो का सीईओ बनाए जाने से आशावाद जागा है। पल्लिया ने वर्कफोस को दो प्रमुख लक्ष्यों पर फोकस करने के लिए फिर से उत्साहित किया है। ये दो लक्ष्य हैं- मार्जिन को 16 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखना और उद्योग की वृद्धि की तेजी से बराबर करना।
जुलाई-सितंबर 2024 तिमाही में विप्रो का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही-दर-तिमाही आधार पर लगभग 7 प्रतिशत बढ़कर 3,209 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से रेवेन्यू तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 1.5 प्रतिशत बढ़कर 22,302 करोड़ रुपये हो गया। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए, विप्रो को उम्मीद है कि आईटी सर्विसेज का रेवेन्यू 260.7 करोड़ डॉलर और 266 करोड़ डॉलर के बीच होगा।
Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।