Wipro Shares: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो (Wipro) के शेयरों में शुक्रवार 17 अक्टूबर को तेज गिरावट देखने को मिली। कंपनी के शेयर शुरुआती कारोबार में 4.5 फीसदी तक गिरकर 242.8 रुपये के स्तर पर आ गए। यह गिरावट कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद आई, जिस पर ब्रोकरेज फर्मों की मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
विप्रो ने अपने सितंबर तिमाही (Q2FY26) के नतीजे गुरुवार शाम बाजार बंद होने के बाद जारी किए थे। इसके बाद कंपनी के अमेरिकी शेयर बाजार में सूचीबद्ध, अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADRs) में भी बीती रात 2.5% की गिरावट देखने को मिली थी।
विप्रो के शेयर को कवर करने वाले 46 में से सिर्फ 13 एनालिस्ट्स ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। वहीं 16 एनालिस्ट्स ने इसे बेचने की सलाह दी है, जबकि 18 एनालिस्ट्स ने इस शेयर को होल्ड करने की सलाह दी है।
Nomura ने ‘Buy’ की रेटिंग बरकरार रखी
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा (Nomura) ने विप्रो के शेयरों पर अपनी ‘Buy’ की रेटिंग बरकरार रखी है और इसके लिए 280 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह इसके शेयरों में मौजूदा स्तर से लगभग 10% तक के बढ़त की संभावना है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, “कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे अधिकतर मापदंडों पर उम्मीद से बेहतर रहे हैं। डील विन्स मजबूत बने हुए हैं और विप्रो ने EBIT मार्जिन को सीमित दायरे में रखने की प्रतिबद्धता जताई है, भले ही कुछ हेडविंड्स मौजूद हों।” नोमुरा का कहना है कि FY27 के लिए विप्रो का डिविडेंड यील्ड 4% है और यह शेयर अपने FY27 के अनुमानित अर्निंग प्रति शेयर (EPS) के 19.8 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है।
Jefferies ने दी 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग
जेफरीज ने विप्रो के शेयर के लिए 'अंडरपरफॉर्म' की रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस 220 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह इसमें मौजूदा स्तर से लगभग 13% की गिरावट का संकेत देता है।
ब्रोकरेज का कहना है कि “120 करोड़ रुपये के एकमुश्त खर्च को छोड़कर, विप्रो के सितंबर तिमाही के नतीजे अनुमानों के मुताबिर रहे हैं। हालांकि मजबूत डील बुकिंग भविष्य में सुधार के संकेत देती है।” कंपनी ने दिसंबर तिमाही के लिए अपनी रेवेन्यू गाइडेंस -0.5% से +1.5% की रेंज में दी है (कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर)। इस गाइडेंस में उसकी हालिया अधिग्रहण से संभावित योगदान को शामिल नहीं किया गया है।
जेफरीज का कहना है कि “FY26 से FY28 के बीच विप्रो की EPS ग्रोथ दर केवल 3% CAGR रहने की संभावना है। इसके साथ 3% डिविडेंड यील्ड जोड़ने पर भी, स्टॉक का रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल अब ‘आकर्षक नहीं’ रह गया है।”
सुबह 10 बजे के करीब, विप्रो के शेयर 4.57 फीसदी की गिरावट के साथ 242.21 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे। इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में करीब 19.25 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है।
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