फार्मा कंपनी वॉकहार्ट के शेयरों में 1 जून को लगातार 5वें कारोबारी सत्र में तेजी है। शेयर शुरुआती कारोबार में पिछले बंद भाव से 19 प्रतिशत तक उछला। BSE पर भाव 2420 रुपये के हाई तक गया। यह शेयर का 52 सप्ताह का नया उच्च स्तर भी है। कंपनी को अपनी नई एंटीबायोटिक 'ज़ेनिक' (Zaynich) के लिए US फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से मंजूरी मिल गई है। इस बारे में कंपनी ने शेयर बाजारों को शनिवार को जानकारी दी थी।
इससे पहले गुरुवार, 28 मई को कंपनी ने बताया था कि इंडियन ड्रग रेगुलेटर 'सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन' (CDSCO) ने भारत में 'ज़ेनिक' (जाइडबैक्टम/सेफेपीम) के आयात और मार्केटिंग की अनुमति दे दी है। इसके बाद शुक्रवार, 29 मई को भी शेयर में जबरदस्त उछाल दिखा था। यह 14.6 प्रतिशत बढ़त के साथ बंद हुआ था। 5 दिनों में अब तक शेयर की कीमत 53.6 प्रतिशत तक मजबूत हो चुकी है।
किस बीमारी की दवा है Zaynich
वॉकहार्ट के मुताबिक, ज़ेनिक अपनी तरह की पहली एंटीबायोटिक है। यह दवा उन वयस्क मरीजों के इलाज में इस्तेमाल की जाएगी, जिन्हें कॉम्प्लिकेटेड यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन (cUTI) हैं, यानि कि जिन्हें जटिल यूरिन इनफेक्शन हैं। इनमें पाइलोनेफ्राइटिस (किडनी तक फैला इनफेक्शन) भी शामिल है। साथ ही यह उन केसेज के लिए भी है, जिनमें खून में Gram-negative बैक्टीरिया मौजूद है। इसे 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के मरीजों के इलाज में ही इस्तेमाल किया जाएगा।
इंडियन ड्रग रेगुलेटर से मंजूरी मिलने के बाद कंपनी ने कहा था कि यह मंजूरी ENHANCE-1 स्टडी (NCT04979806) के नतीजों पर बेस्ड है। यह एक बहुराष्ट्रीय, रैंडमाइज्ड, डबल-ब्लाइंड फेज 3 क्लिनिकल ट्रायल था। इसमें cUTI से पीड़ित मरीजों में Zaynich की प्रभावशीलता और सुरक्षा की तुलना meropenem से की गई। इन मरीजों में पाइलोनेफ्राइटिस के मरीज भी शामिल थे। मरीजों को 2:1 के अनुपात में रैंडमाइज किया गया था, ताकि उन्हें Zaynich या meropenem दिया जा सके। इस स्टडी में Zaynich ने बेहतर प्रदर्शन किया।
Wockhardt का शेयर 3 साल में 1260 प्रतिशत मजबूत
शेयर में आई जबरदस्त तेजी से वॉकहार्ट का मार्केट कैप बढ़कर 37200 करोड़ रुपये हो गया है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। 3 साल में यह 1260 प्रतिशत चढ़ा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 49.08 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में वॉकहार्ट का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 516 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 167 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 1,739 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 317 करोड़ रुपये रहा। वॉकहार्ट की यूरोप और भारत में अच्छी खासी मौजूदगी है।
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