Yes Bank में कुछ बड़ा होने वाला है? बैंक ने की सैंकड़ों कर्मचारियों की छंटनी, बैलेंस-शीट मजबूत करने पर जोर

Yes Bank Shares: यस बैंक क्या कुछ बड़ा प्लान कर रहा है? ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बैंक ने हाल ही में अपने कई सौ कर्मचारियों की छंटनी की है। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक बैंक अपनी लागत घटाने पर जोर दे रहा है और इसके लिए इसने अपने ऑर्गनाइजेशन में रिस्ट्रक्चरिंग शुरू की है। बैंक ने सभी डिपार्टमेंट में छंटनी की है, लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित बैंकिंग शाखाओं में काम करने वाले लोग हुए हैं

अपडेटेड Jun 26, 2024 पर 6:14 PM
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Yes Bank Shares: 31 मार्च 2024 तक यस बैंक में कुल 28,001 कर्मचारी थे

Yes Bank Shares: यस बैंक क्या कुछ बड़ा प्लान कर रहा है? ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बैंक ने हाल ही में अपने कई सौ कर्मचारियों की छंटनी की है। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक बैंक अपनी लागत घटाने पर जोर दे रहा है और इसके लिए इसने अपने ऑर्गनाइजेशन में रिस्ट्रक्चरिंग शुरू की है। हमारे सहयोगी CNBC TV-18 ने बताया कि बैंक ने ऑर्गनाइजेशन के सभी डिपार्टमेंट में छंटनी की है, लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित बैंकिंग शाखाओं में काम करने वाले लोग हुए हैं। यस बैंक ने इस छंटनी भी पुष्टि भी की है, लेकिन उसने नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों की सटीक संख्या की कोई जानकारी नहीं दी। हालांकि इस बीच दूसरी मीडिया रिपोर्टों में बैंक से करीब 500 कर्मचारियों के निकाले जाने की जानकारी आ रही है। हम अभी तक इस आंकड़े की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाए हैं।

अब आइए समझने की कोशिश करते हैं कि यस बैंक की इस कोशिश का इसके बैंलेस-शीट पर क्या असर पड़ेगा? 31 मार्च 2024 तक यस बैंक में कुल 28,001 कर्मचारी थे। इससे पहले वित्त वर्ष 2022 में बैंक में 24,346 कर्मचारी थे। यानी पिछले 2 सालों में बैंक में करीब 3 हजार 700 कर्मचारी बढ़े हैं।

यस बैंक की बैलेंट-शीट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024 में उसकी आय और लागत के बीच का रेशियो 74.4% था। इसका मतलब है कि यस बैंक पहले 74.4 रुपये खर्च कर रहा है, तब जाकर उसकी 100 रुपये की आमदनी हो रही है। यह खर्च, यानी कि लागत पिछले कुछ सालों में बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023 में बैंक की आय और लागत का रेशियो 72.6 फीसदी था।


इसमें बैंक के कर्मचारियों का खर्च पिछले एक साल में 12.2 फीसदी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023 में बैंक ने अपने कर्मचारियों पर 3,363 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जो वित्त वर्ष 2024 में बढ़कर 3,774 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

यही कारण है कि बैंक अपने लागत को घटाने और प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने पर जोर दे रहा है, जिससे इसकी बैलेंस-शीट और मजबूत हो सके। प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए यस बैंक अपनी इंटरनल प्रक्रियाओं को अधिक से अधिक डिजिटल करने पर जोर दे रही है।

बैंक ने हाल ही में निवेशकों को दिए एक प्रजेंटेशन में बताया कि उसके एसेट्स के मुकाबले कर्मचारियों की लागत वित्त वर्ष 2023 में करीब 1 फीसदी थी। यह दूसरे मीडियम साइज के प्राइवेट बैंकों में करीब 1.1 फीसदी और बड़े प्राइवेट बैंकों में 0.7 फीसदी है। यस बैंक भी अपनी इस लागत को घटाकर 1 फीसदी से नीचे लाना चाहती है।

अब आते हैं यस बैंक के शेयरों पर। आज 26 जून को NSE पर इसके शेयर करीब 0.87 फीसदी की गिरावट के साथ 23.81 रुपये के भाव पर बंद हुए। पिछले एक महीने से इसके शेयर इसी के आसपास सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। इस साल अबतक यस बैंक के शेयरों में महज 5 फीसदी की तेजी आई है। हालांकि पिछले एक साल में इसने निवेशकों को करीब 47 फीसदी का रिटर्न दिया है।

यस बैंक ने हाल ही में बताया कि वह डेट सिक्योरिटीज के जरिए 23 अगस्त को फंड जुटाने की तैयारी में है। इसके लिए उसके बोर्ड से मंजूरी भी मिल गई है। हालांकि बैंक ने यह भी नहीं बताया कि वह कितनी राशि जुटाना चाहती है। यस बैंक के शेयर को लेकर आपकी क्या है राय, हमें कमेंट कर जरूर बताएं।

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