यस बैंक (Yes Bank) विदेशी हो जाएगा? जापान के मित्सुबिसी यूएफजी फाइनेंशियल ग्रुप (MUFJ) और सुमिटोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (SMBC) ने यस बैंक की हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। मनीकंट्रोल को सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक ये यस बैंक में मेजॉरिटी हिस्सेदारी खरीदने पर विचार कर रहे हैं। इसके अलावा मिडिल ईस्ट की कुछ कंपनियां भी यस बैंक में अपनी दिलचस्पी दिखा रही हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है जब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अगुवाई में बना कंसोर्टियम अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है। इसी कंसोर्टियम ने करीब चार साल पहले यस बैंक को ढहने से बचाया था।
Yes Bank के 51% हिस्सेदारी की वैल्यू ₹35,578 करोड़
सूत्रों के मुताबिक अभी इस पर विचार ही हो रहा है और कोई फैसला हुआ नहीं है। हालांकि MUFG और SMBC भारत जैसे तेजी से बढ़ रहे मार्केट में अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहते हैं। सूत्र के मुताबिक सौदे के लिए बात शुरू हो चुकी है। हालांकि इस सौदे को RBI के भी मंजूरी की जरूरत पड़ेगी। यस बैंक की मार्केट वैल्यू अभी 69,762 करोड़ रुपये है यानी कि इसकी मेजॉरिटी यानी 51 फीसदी हिस्सेदारी करीब 35,578 करोड़ रुपये की पड़ेगी। सबसे अधिक होल्डिंग अभी इसमें SBI की है जिसके पास एसबीआई के 26.13 फीसदी शेयर हैं। एलआईसी, HDFC बैंक, ICICI बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक और IDFC फर्स्ट बैंक की इसमें कुल मिलाकर 13.84 फीसदी हिस्सेदारी है। हालांकि अभी यह नहीं पता चल सका है कि यस बैंक की कितनी हिस्सेदारी बिक्री के लिए रखी जाएगी।
तेजी से सुधर रही यस बैंक की सेहत
हाल ही में यस बैंक के सीईओ ने कहा था कि बैंक की योजना अब छोटे और मंझले आकार की कंपनियों को कर्ज देने को बढ़ावा देगा क्योंकि यह एसेट्स पर अपना रिटर्न बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि बैंक का एकमात्र एजेंडा आक्रामक तरीके से कुछ भी किए बिना प्रॉफिटेबिलिटी पर फोकस करना है। उन्होंने कहा कि पहला कदम तो दो साल में 1 फीसदी का RoA (रिटर्न ऑन एसेट्स) और 3-5 साल में 1.5 फीसदी का RoA हासिल करने का है। दिसंबर 2023 तिमाही में यह 0.2 फीसदी पर था। देश के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक के लिए यह आंकड़ा 1.78 फीसदी है।
हाल ही में मनीकंट्रोल की एक एनालिसिस में सामने आया कि अब यस बैंक के पास पर्याप्त पूंजी है। सिस्टमैटिक चुनौतियों के बावजूद इसका डिपॉजिट्स बढ़ रहा है। इसका पोर्टफोलियो बेहतर हो रहा है। खास बात ये है कि इसने एनपीए के भारी सिरदर्द को इसने एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी को बेच दिया है। दिसंबर 2022 में यस बैंक ने जेसी फ्लावर्स एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी को 31 मार्च 2022 तक अपनी 48,000 करोड़ रुपये के एनपीए बेचने का ऐलान किया था।