Yes Bank के निवेशकों ने पिछले एक साल में अच्छा प्रॉफिट कमाया है। पिछले साल 11 मार्च को इस शेयर का प्राइस 12.75 रुपये था। अभी 16.55 रुपये है। इसका मतलब है कि इस शेयर ने इनवेस्टर्स को करीब 30 फीसदी रिटर्न दिया है। इस दौरान सेंसेक्स का रिटर्न 7 फीसदी से कम रहा है। फिर, क्या वजह है कि एनालिस्ट्स यस बैंक के शेयरों पर 'बाय' कॉल (खरीदने की सलाह) देने में इतनी कंजूसी बरत रहे हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से सबसे बड़ी 100 कंपनियों में सबसे कम बाय कॉल (फीसदी के लिहाज से) Yes Bank के शेयरों पर है। ऐसा लगता है कि यह एनालिस्ट्स के बीच सबसे कम लोकप्रिय शेयरों में से एक है।
यस बैंक के शेयरों से एनालिस्ट्स ने बनाई दूरी
एनालिस्ट्स के बीच यस बैंक की स्थिति का अंदाजा आपको इस बात से लग जाएगा कि टॉप 100 कंपनियों के शेयरों पर बाय कॉल में सिर्फ 7 फीसदी यस बैंक के बारे में हैं। यह टॉप 100 कंपनियों में पांचवां सबसे कम पॉपुलर स्टॉक है। इसे सिर्फ 14 एनालिस्ट्स कवर करते हैं। सवाल है कि आखिर यस बैंक से एनालिस्ट्स की बेरुखी की क्या वजह है? दरअसल, आने वाले समय में यस बैंक के शेयरों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसकी वजह यह है कि इसके कुछ बड़े इनवेस्टर्स के लिए लॉक-इन पीरियड 13 मार्च को खत्म होने जा रहा है। माना जा रहा है कि कुछ बड़े निवेशक मुनाफा के लिए अपने कुछ शेयर बेच सकते हैं। इससे इस शेयरों पर दबाव देखने को मिल सकता है।
Yes Bank ने निवेशकों को किया मालामाल
Yes Bank ने अपने बड़े निवेशकों को मालामाल किया है। इसे समझने के लिए हमें थोड़ा इतिहास में जाना होगा। करीब तीन साल पहले यस बैंक दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गया था। तब RBI के हस्तक्षेप के बाद SBI की अगुवाई में 8 बैंकों ने इसकी मदद की थी। इससे धीरे-धीरे बैंक की गाड़ी पटरी पर लौट आई। खास बात यह है कि यस बैंक में इनवेस्ट करने वाले बैंक भी आज बहुत खुश हैं। तीन साल में इस शेयर ने करीब 70 फीसदी रिटर्न दिया है।
SBI सहित 8 बैंकों ने किया था निवेश
14 मार्च, 2020 को SBI ने यस बैंक में 30 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की थी। उसने प्रति शेयर 10 रुपये के भाव पर इसमें निवेस किया था। पिछली तिमाही यस बैंक ने प्राइवेट इक्विटी फर्म Carlyle Group और Advent International को नए शेयर जारी किए थे। इससे इस बैंक में SBI की हिस्सेदारी घटकर 26 फीसदी से थोड़ा ज्यादा रह गई। आज इस 26 फीसदी हिस्सेदारी का मूल्य 12,655 करोड़ रुपये है।
13 मार्च के बाद शेयरों में दिख सकती है बिकवाली
तीन साल पहले SBI के अलावा जिन दूसरे बैंकों ने निवेश किया था, उनमें HDFC, ICICI Bank, Axis Bank, Kotak Mahindra Bank, Federal Bank, Bandhan Bank और IDFC First Bank शामिल थे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन बैंकों को यस बैंक में निवेश से जो शानदार मुनाफा हुआ है, वे कुछ मुनाफा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। इससे 13 मार्च के बाद इसके शेयरों में बिकवाली दिख सकती है।